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किशोरी से दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा

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ललितपुर। बीते तीन माह पहले पाली थाना परिसर में तत्कालीन थानाध्यक्ष द्वारा तेरह वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म मामले में जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक एवं डीआईजी ने शासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर हलफनामा दाखिल किया गया है। मामले में एक सितंबर को सुनवाई होनी है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की संस्था बचपन बचाओ आंदोलन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले हलफनामा दाखिल करने को कहा गया था।
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थाना पाली में शिकायत करने पहुंची सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता किशोरी से थानाध्यक्ष द्वारा ही थाना परिसर में एक कमरे में दुष्कर्म करने के मामले में एनजीओ बचपन बचाओ आंदोलन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार से 24 अगस्त तक जवाब दाखिल करने को कहा था। प्रकरण में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जिलाधिकारी ललितपुर आलोक सिंह, डीआईजी जोगेंद्र सिंह झांसी एवं अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार को भेजा गया। अधिकारी प्रकरण से संबंधित दस्तावेज तैयार करके 24 अगस्त को जवाब दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पहुुंचे। जहां उन्होंने हलफनामा पेश किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में एक सितंबर को सुनवाई होगी।
थानों में महिलाओं व किशोरियों की सुरक्षा पर संस्था ने उठाए सवाल
बचपन बचाओ आंदोलन संस्था द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि मई 2013 में कोई ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि थानों में शिफ्ट के अनुुसार जुवेनाइल ऑफिसर की तैनाती की जाए। ताकि लापता बच्चों एवं अन्य बच्चों से संबंधित मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने में आसानी हो सके। लेकिन इसे पूरा करने में राज्य सरकारें नाकाम रही हैं। लेकिन अब पाली थाना परिसर में किशोरी के साथ थानाध्यक्ष द्वारा ही दुष्कर्म का मामला होने पर थानों में महिला व किशोरियों की सुरक्षा पर सवाल भी खड़े किए हैं।
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यह हुई अब तक कार्रवाई
थाना पाली में शिकायत कराने पहुंची सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के साथ थानाध्यक्ष द्वारा ही थाना परिसर के एक कमरे में दुष्कर्म किया गया था। इस मामले में दुष्कर्म के आरोप में थाना पाली पुलिस ने एसपी के आदेश पर थाना पाली के तत्कालीन थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज के अलावा पाली निवासी चंदन, राजभान, हरीशंकर, महेंद्र चौरसिया एवं पीड़िता की मौसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। आरोपी इंस्पेक्टर को प्रयागराज से गिरफ्तार जेल भेज दिया था। इस मामले की जांच बाद में एसआईटी को सौंपी गई, जिसमें अब तक नामजद एवं प्रकाश में आए कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं एसआईटी ने माह जुलाई के अंतिम सप्ताह में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में न्यायालय में एक हजार से अधिक पन्नों चार्ज शीर्ट पेश कर दी है। विवेचना अभी जारी है।
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