ग्राम न्यायालय में सुनवाई में होती है परेशानी, मुख्य द्वार पर की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। ग्राम न्यायालय में चार माह से पीठासीन अधिकारी न होने से परेशान अधिवक्ताओं ने अधिकारी की तैनाती की मांग की। इस संबंध में जिला एवं सत्र न्यायाधीश को एक ज्ञापन भेजा गया। इससे पहले अधिवक्ताओं ने ग्राम न्यायालय के मुख्य द्वार पर नारेबाजी की।
ज्ञापन में उन्होंने अवगत कराया कि वर्ष 20 फरवरी 2016 में तालबेहट तहसील क्षेत्र के लोगों को ग्राम न्यायालय की सौगात दी गई थी। जिसमें भरण पोषण, घरेलू हिंसा, दुर्घटना एवं मारपीट के चार थाना क्षेत्र तालबेहट, बार, जखौरा और पूराकलां की सुनवाई की जाती है। इससे क्षेत्र की जनता को काफी राहत मिलती है।
ग्राम न्यायालय के खुलने के बाद से यहां अधिकांश समय पीठासीन अधिकारी की कमी रही। चार माह पूर्व यहां जज यज्ञेश कुमार सोनकर का गैर जनपद स्थानांतरण हो जाने के बाद उनके स्थान पर कोई जज नहीं आया, तब से न्यायालय खाली है। जिससे वादकारियों व अधिवक्ताओं को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं एवं वादकारियों की परेशानी देखते हुए ग्राम न्यायालय में जज की नियुक्ति की जाए।
इससे पूर्व युवा अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर से ग्राम न्यायालय तक नारेबाजी करते हुए ज्ञापन दिया। इस मौके पर रामगोपाल झा, मनोज संज्ञा, नवीन नायक, बहादुर सिंह, भास्कर मिश्रा, लक्ष्मन श्रीवास, रामकांत, विक्रम बहादुर, सोनू रजक, राजेंद्र सिंह,भानू कुशवाहा, धरमन कुशवाहा आदि प्रमुख रहे।
पीठासीन अधिकारी न होने से वादकारियों और अधिवक्ताओं को परेशान हाेना पड़ रहा है। इस समस्या पर उच्चाधिकारियों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
- जहेंद्र सिंह परमार, अध्यक्ष बार संघ
जज न होने से क्षेत्र की जनता को मामूली सी बात के लिए जिला मुख्यालय तक भागना पड़ रहा है। इससे धन और समय दोनों की हानि हो रही है।
- कृपाल सिंह राजपूत, महामंत्री बार संघ