ललितपुर। खुले में शौच की कुप्रथा को बंद करने के उद्देश्य से प्राथमिक विद्यालय बड़ापुरा बालक के सामने नाले पर बनवाए गए शौचालय देखरेख के अभाव में अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। सालों पहले नगर पालिका परिषद ने खुले में शौच की प्रथा के उन्मूलन को शौचालयों का निर्माण कराया था। शुरूआती समय में इनका इस्तेमाल हुआ। लेकिन, पालिका ने शौचालयों की उचित देखरेख नहीं की और न ही सफाई की ओर ध्यान दिया। स्थिति यह बनी कि यहां के निवासी शौचालयों को भूल गए और दोबारा खुले में शौच की प्रथा लौट आई। वर्तमान में लाखों रुपये की लागत से बने शौचालय अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। यहां के लोगों ने अनेकों बार जिलाधिकारी व नगर पालिका का ध्यान आकृष्ट कराया, इसके बाद भी शौचालयों को इस्तेमाल लायक बनाने के प्रयास नहीं किए गए। लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में शौच करने में काफी दिक्कत होती है। शौचालयों की उचित सफाई नहीं होने से उन्हें मजबूरन नाले का सहारा लेना पड़ता है।