जन्मांध को रखा विरासत से वंचित
पाली। इसे भाइयों की करतूत कहें या तहसील स्तरीय कर्मचारियों की लापरवाही कि एक जन्मांध व्यक्ति को उसकी पिता की जमीन से वंचित कर दिया गया है। अब वह अपना नाम जुड़वाने के लिए चक्कर लगा रहा है। फरियादी जयनारायण पुत्र सीताराम उपाध्याय ने बताया कि वह जन्म से अंधा है। उसके तीन भाई और हैं। पिता की मृत्यु के बाद उसको जमीनी हक से वंचित कर दिया गया है। पिता की जमीन उसके अलावा सभी भाइयों के नाम दर्ज हो गई। विरासत में अपना नाम दर्ज कराने के लिए वह कई बार तहसील के चक्कर लगा चुका है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। अब उसने एसडीएम ने जमीन में अपना नाम जुड़वाने की मांग की है।