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सरकारी हैंडपंपों से निकल रहा दूषित पानी

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सरकारी हैंडपंपों से निकल रहा दूषित पानी
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जमोरा। ब्लॉक मड़ावरा के अंतर्गत ग्राम जमोरा के ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। गांव में स्थित हैंडपंपों से लगातार दूषित पानी निकल रहा है। दो सौ जनसंख्या वाले ग्राम जमोरा में मात्र तीन सरकारी हैंडपंप लगे हैं। इनमें से हनुमान मंदिर स्थित सार्वजनिक स्थान पर एक हैंडपंप लगा हुआ है। इसमें एक रसूखदार व्यक्ति द्वारा उसमें समर्सिबल डालकर अपना कब्जा बना लिया है। जबकि, दूसरा हैडपंप भागीरथ कुर्मी के बेड़ा के सामने लगा हुआ है। यहां बस्ती न होने के कारण उसका ठीक ढंग से रखरखाव नहीं हो पा रहा है। साफ सफाई पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता है। इससे हैडपंप के चारों ओर गंदगी पसरी रहती है। इसी प्रकार गांव के तीसरा हैंडपंप गांव से बाहर सरखड़ी/नयागांव मार्ग के बगल मे शिवदयाल विश्वकर्मा के मकान के ठीक सामने लगा है। इस हैंडपंप के पानी से गांव के आधे से ज्यादा ग्रामीण अपनी प्यास बुझाते थे, लेकिन इस हैंडपंप से निकल रहा पानी अपना रंग बदल चुका है और उनके स्वाद में दुर्गंध आनी शुरू हो चुकी है। इस हैंडपंप से निकलने वाला दूषित पानी ग्रामीण पी रहे हैं, जिससे कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बना हुआ है। अभी मुश्किल से पांच साल भी नहीं बीते कि यहां सारे हैंडपंप जवाब दे गए हैं, जो चल भी रहे हैं उनमें पानी में दुर्गंध के साथ बालू आनी शुरु हो गयी है। इससे पानी पीने लायक नहीं है और कोई इसको देखने वाला नहीं है। शासन द्वारा हजारों रुपये की लागत से लगे ये, हैंडपंप सिर्फ जिम्मेदारों के अनदेखी के कारण गांव वाले दूषित पानी पीने को मजबूर है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यानाकर्षित कराते हुए मांग की है कि गांव के सरकारी हैंडपंप को दबंगों से कब्जा मुक्त कराया जाए, साथ ही पेयजल समस्या के निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया जाए।
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