संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्राम पंचायतों में मनरेगा के 43699 जॉब कार्ड इस वित्तीय वर्ष 2023-24 में डिलीट किए गए। इतनी भारी संख्या में जॉब कार्ड डिलीट किए जाने पर खंड विकास अधिकारी इन जॉब कार्ड का श्रमिक वार परीक्षण करेंगे और इसकी सूचना डीसी मनरेगा को उपलब्ध कराएंगे।
मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में करीब दो लाख जॉब कार्ड बनाए गए थे। सक्रिय जॉब कार्ड धारक तो विकास कार्यों में मजदूरी कर रहे थे, लेकिन कुछ जॉब कार्ड धारक ऐसे थे जो लंबे समय से काम नहीं मांग रहे थे। ऐसे बोगस 43699 जॉब कार्डों को वित्तीय वर्ष 2023-24 में डिलीट कर दिया गया। डीसी मनरेगा ने सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी कर डिलीट किए गए इन कार्ड का परीक्षण कर सूचना मांगी है। अब ब्लॉक स्तर पर डिलीट जॉब कार्ड का श्रमिक वार कारण जानने व सत्यापन का काम शुरू हो गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अधिकांश ऐसे जॉब कार्ड धारक पाए गए, जिनकी मृत्यु हो गई या स्थान परिवर्तन हो गया या फिर दोहरे जॉब कार्ड पाए गए, इस कारण उन्हें डिलीट कर दिया गया।
फैक्ट फाइल
- 147306 सक्रिय जॉब कार्ड
- 221477 कुल सक्रिय मजदूर
- 97015 सक्रिय महिला मजदूर
- 124462 सक्रिय पुरुष मजदूर
-
आधार लिंक जॉब कार्ड से ही अब होगा भुगतान
मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का भुगतान अब उन्हीं का होगा, जिनका जॉब कार्ड आधार से लिंक है। सभी सक्रिय मजदूरों के कार्ड को आधार से लिंक होना जरूरी कर दिया गया है। जॉब कार्ड को आधार से लिंक करने का कार्य करीब-करीब पूरा हो गया है।
-
कोरोना काल में मजदूरों की प्रमुख आजीविका बनी थी मनरेगा
कोरोना काल में कारखाने और दफ्तर बंद होने पर जब शहरों से प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू हुआ था तो मनरेगा में काम मांगने वालों की बाढ़ आ गई थी। कोरोना काल में तमाम ऐसे प्रवासी कामगारों ने भी परिवार पालने के लिए मनरेगा के तहत काम करने में दिलचस्पी दिखाई थी, जो पढ़े लिखे होने के कारण गैर जनपदों में कुशल श्रमिक के तौर पर नौकरी कर रहे थे। कोरोना काल के दौरान करीब 8-9 हजार जॉब कार्ड बनाए गए थे।
-
इस वित्तीय वर्ष में डिलीट किए गए जॉब कार्ड का परीक्षण कर श्रमिक वार डिलीट करने का कारण सहित सूचना सभी खंड विकास अधिकारियों से मांगी गई है।
रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा