बूंदाबांदी, ओलावृष्टि व शीतलहर से बड़ी ठिठुरन
पाली। बीते दो दिनों से कस्बा सहित आसपास के क्षेत्र में मौसम ने अचानक अपनी करवट बदल ली। बूंदाबांदी व ठंडी हवाएं चलने से सर्दी बढ़ गई है। वहीं, बछला पुर सहित आसपास इलाके में ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान बताया जा रह है। बसंत ऋतु के साथ सूर्यदेव अपनी तेज तपिश दिखाने लग गए थे। जिससे लग रहा था सर्दी जल्द जा रही है और गर्मी के मौसम का अहसास कराने लगा। इसी बीच बुधवार की रात अचानक मौसम ने करवट ली। तो बूंदाबांदी के साथ कुछ इलाकों में ओलावृष्टि होने से ठंड बढ़ गई, जिससे लोग ठिठुरन को मजबूर हो गए। हल्की बारिश से खेतों में गेहूं की फसल बोए किसान खुश नजर आए। किसानों ने बताया कि मावठ का यह पानी गेहूं की फसलों में संजीवनी प्रदान कर रौनकता बिखेर देती है। वहीं, ग्राम बछलापुर एवं ग्राम निवउवा में बृहस्पतिवार की सुबह बारिश के साथ बेर आकार के ओले भी गिरे। यहां के किसानों ने बताया कि लगभग दस से पंद्रह मिनट तक ओलावृष्टि हुई है, जिससे खेतों में खड़ी फसल को नुकसान हुआ है। बछलापुर निवासी प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि पंद्रह मिनट तक चली ओलावृष्टि से फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी चना, मटर व मसूर की फसल में फूल के साथ फली लगी हुई है। सुबह ओलो को झमाझम बारिश हुई जिससे फसलों के फूल एवं फली मिट्टी में मिल गए।