ललितपुर। जिले में यातायात को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन की पहल पर अब ऑटोे संचालन के रूट जारी किए गए हैं। इसके लिए ऑटो स्टैंड बनाए गए हैं, जहां से इनका नियमित संचालन किया जाएगा। इससे लोगों केे आवाजाही के लिए भटकना नहीं होगा। हालांकि पांच माह बाद भी 2800 के सापेक्ष महज तीन ऑटो चालक ने ही रूट परमिट के लिए आवेदन किया है। अब विभागीय अधिकारी ऑटो चालकों को रूट परमिट लेने के लिए जागरूक करेंगे।
जनपद में यातायात के साधन लंबे समय बाद भी सुगम नहीं हो पाए हैं। यहां के अब भी कई मार्गों पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे में मुख्यालय आने के लिए कई वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई बार मुख्यालय आने में आधे से अधिक दिन का समय बीत जाता है। वापस जाने में वाहनों का संकट बना रहता है। ऐसे में जिलाधिकारी आलोक सिंह ने जिले में यातायात के साधनों का सुगम बनाने के लिए मंडलायुक्त से पत्राचार किया। जिसमें जिले के विभिन्न स्थानों पर 16 केंद्र निर्धारित किए गए। इन केंद्रों से 16 किमी की दूरी तक ऑटो संचालन के लिए रूट तय किए हैं। हालांकि पांच माह बाद भी टैक्सी चालकों ने रूट परमिट लेने में रुचि नहीं दिखाई है। परिवहन विभाग ने वर्तमान में 3800 ऑटो पंजीकृत हैं। इनमें एक हजार टैक्सी चलन से बाहर हैं। 2800 टैक्सी संचालित हो रहीं हैं। इनमें पांच माह बाद महज तीन टैक्सी चालकों ने ही रुट परमिट के लिए आवेदन किया है। अब विभाग ऑटो चालकों को रूट परमिट लेने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।
यह बनाए गए ऑटो केंद्र
जनपद में चार ऑटो सेंटर निर्धारित थे, इनमें ललितपुर, तालबेहट, महरौनी, पाली रहे। इसके बाद जिलाधिकारी ने 12 अतिरिक्त सेंटर निर्धारित किए गए हैं। इनमें जखौरा, तेरईफाटक, बांसी, पूराकलां, बिरधा, राजघाट, बालाबेहट, जाखलौन, मड़ावरा, बार, बानपुर, नाराहट आदि हैं।
ऑटो को रूट पर संचालित करने के लिए परमिट की सुविधा की है। जागरूकता के अभाव में ऑटो चालक परमिट नहीं ले रहे हैं। चालकों को जागरूक कर परमिट के लिए आवेदन किया जाएगा। - एसएल गौड़, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी