संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट-पवा। सिद्ध क्षेत्र पवागिरि में चल रहे सिद्ध चक्र महामंडल विधान के छठवें दिन 256 अर्घ्य समर्पित किए गए। बुधवार सुबह नित्यमय, अभिषेक शांतिधारा के बाद अतिशय युक्त चमत्कारी बाबा मूलनायक पारसनाथ स्वामी का महामस्तिकाभिषेक किया गया। आर्यिका प्रशम मति एवं आर्यिका उपशम मति माता का बबीना से पावागिरि में मंगल प्रवेश हुआ। इसके बाद भक्ति पूर्वक विधान का भव्य आयोजन कर 256 अर्घ्य समर्पित किए। इस दौरान बाल ब्रह्मचारी अशोक ने श्रीपाल मैना सुंदरी का वृतांत सुनाते हुए सिद्ध चक्र महामंडल विधान के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि मंडप दर्शन से दुःख-दर्द का निवारण एवं विशुद्धि पूर्वक सिद्धों की आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। रात्रि में मंगल आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। सौरभ, विकास, आनंद, अक्षत, सुरेंद्र, विशाल आदि का सक्रिय सहयोग रहा।