1613 लाभार्थियों को नहीं हुआ जेएसवाई का भुगतान
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में मिली कमियां
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान लाभार्थियों के जेएसवाई का भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई और अधिकारियों से शीघ्र भुगतान कराने के निर्देश दिए। डीएम मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। इसमें जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि वर्ष 2016-17 में जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत जनपद में 31 मार्च 2018 तक अवशेष जेएसवाई भुगतान के लिए 1442 लाभार्थियों के सापेक्ष 30 जून तक केवल 132 का ही भुगतान किया गया, जबकि 1310 लाभार्थियों का भुगतान अभी भी शेष है। इसी प्रकार वर्ष 2017-18 में जनपद में 31 मार्च 2018 तक अवशेष जेएसवाई के भुगतान हेतु 3411 लाभार्थियों के सापेक्ष 30 जून 2018 तक 1798 लाभार्थियों का भुगतान किया गया। जबकि 1613 लाभार्थी अभी भी शेष हैं। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि कार्य में सुधार कर तेजी लाएं, साथ ही प्रसव लाभार्थियों का भुगतान कार्ययोजना बनाकर अतिशीघ्र करें। उन्होंने हाई रिस्क प्रैगनेन्सी की समीक्षा करते हुए कहा कि मानक के अनुसार हाई रिस्क प्रैगनेन्सी चिह्नित की जाए और जिन एएनएम द्वारा रिपोर्ट प्रेषित नहीं की जा रही है। उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। पोषण पुनर्वास केंद्र की समीक्षा के दौरान बताया गया कि माह सितंबर 2018 तक कुल 109 बच्चों का भर्ती/उपचार किया गया और 311 बच्चों के सापेक्ष 229 बच्चों को फोलोअप किया जा चुका है। वहीं यूपी एंबुलेंस 108 एवं 102 की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में 108 की 13 और 102 की 16 एंबुलेंस उपलब्ध हैं, जिनमें समस्त दवाएं और उपकरण क्रियाशील हैं। जिलाधिकारी ने यहां अधिकारियों से कहा कि सघन मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण एवं पल्स पोलियो अभियान में ग्राम प्रधानों का अधिक से अधिक सहयोग लिया जाए। साथ ही जिन आशाओं का कार्य अच्छा नहीं है, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। डीएम द्वारा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षकों से उनके द्वारा किये गये कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिमचि डा. हरेंद्र सिंह चौहान उपस्थित रहे।