उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने बीटीसी बैच - 2011 के शिक्षा मित्रों की गलत तरीके से स्कूल में ज्वाइनिंग होने के मामले को संज्ञान ले लिया गया है, जिससे जिले के 18 शिक्षा मित्रों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बीएसए के नाम जारी किए पत्र में कहा है कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षा मित्रों को बीटीसी एवं विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण वर्ष 2007, 2008 एवं 2010 में प्रशिक्षण के लिए दस प्रतिशत कोटा निर्धारित किया गया था, इसके उपरांत संबंधित शिक्षा मित्रों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया। लेकिन, इस दौरान शिक्षक पात्रता परीक्षा अवरुद्घ बनी रही, इस कारण प्रशिक्षित शिक्षा मित्रों की नियुक्ति सहायक अध्यापक पद पर नहीं हो सकी। इसके अतिरिक्त शिक्षा मित्र के मानदेय से भी वंचित हो गए थे, इसे संज्ञान में लेते हुए शासन ने बीटीसी एवं विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण वर्ष 2007, 2008 एवं 2010 बैच के उत्तीर्ण शिक्षा मित्रों को परिषदीय विद्यालयों में उनके मूल शिक्षा मित्र पद पर तैनाती के निर्देश जारी किए थे, इसके अनुपालन में तीनों बैच के शिक्षा मित्र वापस स्कूलों में पहुंच गए और इसी दौरान बीटीसी बैच वर्ष 2011 के शिक्षा मित्रों ने भी विद्यालयों में मूल पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया, जबकि उन्हें स्कूल में ज्वाइनिंग के निर्देश जारी नहीं किए गए थे। इस पर बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने सख्त रुख अपनाते हुए उनकी नियुक्ति निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। इससे शिक्षकों व शिक्षा मित्रों में खलबली मच गई है।