पीएम व सीएम दरबार तक पहुंचाया तुवन प्रकरण
तुवन मंदिर संपत्ति की सुरक्षा को जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। हनुमंतलाल तुवन मंदिर, सिद्घन और हनुमानधारा धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट द्वारा तुवन मंदिर की संपत्तियों की सुरक्षा व जांच की मांग का एक ज्ञापन प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन जिला मजिस्ट्रेट को दिया है। ज्ञापन में बताया गया है कि हनुमंतलाल तुवन मंदिर, सिद्धन एवं हनुमानधारा धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट एक पंजीकृत ट्रस्ट है। पूर्व में महंत भगवान दास ने अपने जीवनकाल में 13 फरवरी 1998 को गठित हुआ था। अब महंतम भगवानदास की मृत्यु हो चुकी है और उक्त ट्रस्ट में उनका कोई भी चेला महंत पर पर आसीन नहीं है। आरोप लगाते हुए बताया कि वर्तमान में एक व्यक्ति स्वयं को उपरोक्त मंदिर के ट्रस्ट का महंत व पुजारी बनकर मंदिर की संपत्तियों को खुर्द बुर्द कर रहा है ओर जानबूझकर संपत्तियों को क्षति पहुंचा रहा है। जबकि उक्त व्यक्ति न तो मंदिर का पुजारी है और न ही पूर्व महंत का चेला है और न ही उसे मंदिर की संपत्तियों में कोई तोड़फोड़ या निर्माण का अधिकार है। इसके बाद भी मंदिर परिसर में हरे भरे पेड़ कटवा दिए हैं और मंदिर परिसर में नौ दुकानों एवं धर्मशाला का निर्माण अपने व्यक्तिगत लाभ एवं स्वार्थपूूर्ति के लिए बिना किसी सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के निर्माण करका रहा है। यहां तक कि निर्माण के लिए विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत कोई भी नक्शा भी स्वीकृत नहीं कराया गया है। ट्रस्ट के सदस्यों ने उक्त मंदिर परिसर में हो रहे अवैध निर्माण को रोके जाने और मंदिर की चल, अचल संपत्तियों की सुरक्षा किए जाने की मांग की है। ज्ञापन पर विश्वनाथ दीक्षित, चंद्रशेखर दुबे, जितेंद्र सिंह परमार, हरीबाबू शर्मा, रामप्रताप सिंह, अंकित यादव, प्रशांत उपाध्याय, प्रमोद कुुशवाहा, शुभम गोस्वामी, यश यादव, प्रमोद बबेले, मोंटी शुक्ला, अंकित अहिरवार, संतोष चौरसिया, कपिल मिश्रा आदि के हस्ताक्षर हैं।
राधा उपाध्याय, अंकित यादव, सुमित जायसवाल, आदित्य ठाकुर, अभिनव तोमर के हस्ताक्षर भी हैं।