निदेशक महिला कल्याण ने देखी बाल गृह की व्यवस्थाएं
ललितपुर। निदेशक महिला कल्याण लखनऊ ने राजकीय बाल गृह बालक की व्यवस्थाओं को परखा। इस दौरान उन्होंने बाल कल्याण समिति से बच्चों के सर्वोत्तम हित के लिए कई मुद्दों पर चर्चा की। महिला कल्याण निदेशक डा. अलका टंडन ने पालना शिशु स्वागत केंद्र का फीता काटकर लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं को सड़क एवं निर्जन स्थानों पर फेंक दिए जाने से मृत्यु हो रही है। कोई भी व्यक्ति, महिला दंपति जो अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करना चाहता हो तो ऐसे नवजात शिशु को उक्त पालना में सुरक्षित रखकर वापस जा सकता है। ऐसे व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी। पालना गृह में शिशु रखते ही इलेक्ट्रानिक घंटी बजा दें, जिससे कि संबंधित स्थल पर तैनात कर्मचारियों को इस बात की सूचना तुरंत प्राप्त हो जाए कि पालना में कोई शिशु रखा गया है। परित्यक्त शिशु पाए जाने पर उनकी सुरक्षा संस्था की ओर की जाएगी। पालना शिशु स्वागत केंद्र की स्थापना का यही मकसद है। उन्होंने राजकीय बाल गृह बालक दैलवारा की व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने पाया कि संस्था में तेइस बच्चे निवासरत हैं। यहां व्यवस्थाएं ठीकठाक पाई गई। इस मौके पर एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह, एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित, जिला प्रोवेशन अधिकारी सुरेंद्र कुमार पटेल, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष कैलाश अग्रवाल, सदस्यों में रामनाथ पाठक, उत्तम सिंह चौहान, राजाराम, ममता तिवारी सहित स्टाफ मौजूद रहा।