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खुदा वाले खुदा की बस्तियां वीरां नहीं करते...

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खुदा वाले खुदा की बस्तियां वीरां नहीं करते...
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ललितपुर। साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था गुलिस्तान-ए-अदब के तत्वावधान में पुलवामा कश्मीरह में निर्दोष लोगों की शहादत पर पुष्पांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें कवियों और शायरों ने अपने शायराना अंदाज में ऐसे कायराना हमले की निंदा की। विक्की साहिल ने श्रद्धांजलि पेश करते हुए कहा कि जो बेकसूर हैं तुम उनकी जान लेते हो, हमारे सब्र को यूं इम्तहान लेने हो। शायर अफसर मनचला ने कहा कि अगर खमोश हैं हम तो, हमें कमजोर मत समझो, जमा भी हौसला तुम में अगर है सामना कर लो। शायरा शबनम ने शायरी पढ़ते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पे हम मुल्क की सरहद पे जाएंगे, हमें कमजोर मत समझो, मुकाबिल हम भी आएंगे। संचालन करते हुए एमआर सोज ने कहा कि जरा भी शर्म है बाकी तो अब भी बाज आ जाओ, खुदा का नाम लेते हो, मगर खूं भी बहाते हो। संस्था के अध्यक्ष व शायर करीम असर ललितपुरी ने कहा कि ये क्या कोई जिहाद है कि मार दो सबको, अल्हाह के बंदे कभी ऐसा नहीं करते। आगे कहा कि ये दहशत गर्द हैं इनका कोई मजहब नहीं होता, खुदा वाले खुदा की बस्तियां वीरां नहीं करते। अंत में शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर शकील मास्टर, रवींद्र पाठक, शिव कुमार, जहीर ललितपुरी, वसीम मसूर, योगेश साहू, रवि आदि उपस्थित रहे।
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