भगवन संकीर्तन प्रभातफेरी से ही मनुष्य का उद्धार: मुरलिका
ललितपुर। श्रीजी सेवा संस्थान के तत्वाधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन साध्वी पूज्य मुरलिका जी ने भगवान श्रीकृष्ण रुक्मणि विवाह की कथा सुनाई। साध्वी जी ने कहा कि भगवन संकीर्तन से ही आज मनुष्य का जीवन सफल है। उन्होंने कहा कि सभी भक्त जन ब्रह्ममुहूर्त में भगवन नाम संकीर्तन प्रभात फेरी निकाले। भगवान नाम से ही सभी का उद्धार है। मुरलिका देवी ने कहा कि भगवान नाम लेकर मीराबाई ने विष का प्याला पी लिया था, लेकिन उन्हें कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कृष्ण नाम से ही लाखों सखियों ने रासलीला रचाई। भगवान सामर्थ्यवान है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव जहर पीकर नीलकंठ नाम से प्रसिद्ध हो गए। ब्रज की लीलाओं में महारास की लीला प्रसिद्ध है। भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी से अत्यधिक प्रेम किया। सभी लीलाएं करने के बाद भगवान ने द्वारकापुरी जाकर रुकमणि से विवाह किया। अंत मे उन्होंने ऊधो जी से कहा कि ऊधो मोह ब्रज विसरत नाहीं। कथा को सफल बनाने में पूर्व प्रधान गोपाल सिंह तोमर, भानुप्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह, बॉबी राजा, धीरेन्द्रप्रताप सिंह, प्रधान अनोरा शेलेन्द्र राजा बुन्देला, भगवत सिंह बैस, भरत सिंह चौहान, संतोष निरंजन, अयोध्या प्रसाद निरंजन, बृजेंद्र सोलंकी, भगवत नारायण चतुर्वेदी, आयुष सैनी, शिवेंद्र परमार, राजेंद्र सिंह, आकाश गोस्वामी, राघवेंद्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह बुन्देला, इंदरपाल सिंह, बुद्ध सिंह, रामबाबू नायक, अमर सिंह, राजू राजा, जयप्रकाश चौबे, रामशंकर तिवारी आदि का विशेष सहयोग किया। इस मौके पर कथा में प्रमुख रुप से ग्राम तालगांव, अनोरा, मिर्चवारा, मसौरा, भेंसाई, सतरवास, बिरधा, खितवास, चढ़रऊ आदि गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है। अंत में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश संगठन मंत्री बॉबी राजा सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।