11 साल पुरानी घटना का अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला, 13-13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
मामले का वादी वही सराफा व्यापारी है जिससे गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगी गई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मड़ावरा में सराफा व्यापारी के साथ 11 वर्ष पहले हुई लूट की घटना को अंजाम देने वाले तीन अभियुक्तों को कोर्ट ने 10-10 साल कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा 13-13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह पीड़ित वही सराफा व्यापारी है, जिससे हाल ही में गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी देकर रंगदारी मांगी गई थी। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र) साबिस्ता अकील द्वारा दिया गया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तिवारी ने बताया कि 11 मई 2012 को मड़ावरा निवासी रतन चंद जैन द्वारा दी गई तहरीर में तीन अज्ञात बदमाशों पर उनके पुत्र जिनेंद्र जैन को गोलीमार कर डेढ़ लाख रुपये नकद व करीब 2 लाख 65 हजार कीमत के सोने-चांदी के जेवरात लूटने का आरोप लगाया गया था।
पुलिस ने रतनचंद जैन की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान घटना को अंजाम देने वालों में थाना खरगापुर जिला टीकमगढ़ निवासी गजेंद्र सिंह, थाना महरौनी अंर्तगत ग्राम करोंदा निवासी गुड्डू राजा व थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम गुरयान निवासी छोटे रज्जू का नाम प्रकाश में आया था।
साथ ही एक अन्य अभियुक्त का नाम भी पुलिस प्रकाश में लाई थी, जिसे इस घटना में 120बी का आरोपी बनाया गया। बाद में उसके खिलाफ साक्ष्य न मिलने के कारण उसे मुकदमे से बाहर कर दिया गया। साथ ही तीनों आरोपियों से माल बरामद कर जेल भेज दिया गया था। सुनवाई के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 13-13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस मामले में पुलिस महानिदेशक द्वारा पुलिस अधीक्षक को निगरानी कर जल्द ही अभियुक्तों को जेल पहुंचाने के आदेश भी दिए गए थे।
लारेंस बिश्नोई के नाम पर मांगी गई रंगदारी से शक के घेरे में थे अभियुक्त
हाल ही में वादी रतन चंद्र जैन के पुत्र जिनेंद्र जैन के प्रतिष्ठान पर एक पत्र चस्पा कर गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगी गई थी। प्रारंभ में पुलिस के शक की सुई पहले इन्हीं तीनों अभियुक्तों पर गई थी, क्योंकि यह तीनों अभियुक्त लूटकांड में जमानत पर रिहा चल रहे थे। हालांकि बाद में सीसीटीवी कैमरे की मदद से पुलिस ने सही मुजरिम तलाश कर जेल भेज दिए।