मझगईं। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर एक ठग ने रिश्तेदार की आवाज में फोन करके युवक से दस हजार रुपये की ठगी कर ली। युवक ने पुलिस को तहरीर दी मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
त्रिलोकपुर निवासी राजाराम के पुत्र बिरदेश ने बताया कि होली से दो दिन पूर्व उसे काॅल आई, दूसरी तरफ से बोलने वाले ने खुद को बिरदेश का मौसा सोनू बताया। जरूरी काम की बात कहते हुए नौ हजार आठ सौ रुपये खाते में डालने की बात कही। खाता नंबर भी बताया। बिरदेश ने बताया कि उसे आवाज अपने मौसा की ही लगी, लेकिन फिर भी उसने मौसी से बात कराने को कहा। इस पर ठग ने कहा कि मौसी अभी सो रही हैं। बिरदेश बहकावे में आ गया और रुपये भेज दिए। थोड़ी देर बाद उक्त नंबर दोबारा मिलाया तो फोन नहीं लगा।
इसके बाद उसने मौसा के घर का नंबर लगाया तो पता चला कि उन्होंने कोई रुपये मांगे ही नहीं। यह सुनकर उसके होश उड़ गए। मामले में पुलिस को तहरीर देने गया तो आरोप है कि पुलिस ने न तो तहरीर ली, उल्टा लखीमपुर जाने के लिए कह दिया। इससे वह परेशान हैं। थाना प्रभारी पुष्पराज कुशवाहा ने बताया कि जो ऑनलाइन ठगी के मामले होते हैं, वह लखीमपुर साइबर थाने में दर्ज किए जाते हैं। इस वजह से पीड़ित को वहीं जाने के लिए कहा गया है।