गोला के पौराणिक शिव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु
गोला गोकर्णनाथ। शनिवार को सावन प्रदोष व्रत के साथ शिवरात्रि का शुभ योग बन रहा है। इस योग में भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करना मंगलकारी सिद्ध होगा।
नगर निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि सावन के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस बार त्रयोदशी तिथि 15 जुलाई को है। इस बार प्रदोष व्रत पर बहुत ही शुभ संयोग बन रहा है। इस बार प्रदोष व्रत के साथ साथ सावन शिवरात्रि का योग है। साथ ही इस दिन शनिवार होने के कारण इसे शनि प्रदोष व्रत भी कहा जा सकता है।
शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के साथ शनि देव की उपासना का भी विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक के साथ शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। 15 जुलाई को शनि प्रदोष की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 30 मिनट से रात 07 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
शनिवार को सावन त्रयोदशी पर पौराणिक शिव मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ ब्रह्म मुहूर्त 4:00 बजे खोल दिए जाएंगे।