लखीमपुर खीरी। पांच साल पहले 32 मजदूरों से मच्छरों से बचाव के लिए दवा का छिड़काव कराने वाले मलेरिया विभाग ने आज तक मजदूरों का बकाया भुगतान नहीं दिया है। मजदूरों का नौ लाख का भुगतान अब तक लंबित है। पांच साल से मजदूर विभाग का चक्कर काटते-काटते थक गए, लेकिन उन्हें भुगतान नहीं मिला। बृहस्पतिवार को मजदूरों ने डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल से मिलकर भुगतान दिलाए जाने की गुहार लगाई है। डीएम ने विभागीय अफसरों को जल्द से जल्द भुगतान कराने के निर्देश दिए हैं।
मजदूर अमरेंद्र, राकेश, रामचंद्र, रमेश आदि लोगों ने डीएम को बताया कि वर्ष 2019 में मलेरिया विभाग ने 32 लोगों की छह टीमों बनाकर जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में डीडीटी कीटनाशक दवा का छिड़काव किया था। इसमें हर एक मजदूर ने 125 दिन तक छिड़काव का काम किया था। विभाग ने प्रत्येक दिन का 313 रुपये भुगतान देने का करार किया था।
मजदूरों ने बताया कि काम पूरा होने के करीब 39 दिन बाद चार लाख रुपये का भुगतान किया था। इसके बाद विभाग ने कहा कि बजट खत्म हो गया है। शेष 86 दिन का भुगतान बजट आने पर कर दिया जाएगा। तब से आज तक विभाग ने भुगतान नहीं किया। ऐसे में वे लोग काफी परेशान है। आरोप है कि विभाग ने उनको काम देना भी बंद कर दिया है। वह लोग जब भी विभाग जाते हैं, तो अधिकारी बताते हैं कि बजट नहीं है। बजट आने पर भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन धीरे-धीरे पांच साल होने को है, पर भुगतान नहीं मिला।
वर्जन
मजदूरों का बकाया भुगतान मेरे कार्यकाल के दौरान का नहीं है। भुगतान के लिए शासन से बजट आना है, जो अभी तक नहीं आया। सीएमओ के माध्यम से शासन को सात बार पत्र भेजा जा चुका है। बजट आते ही मजदूरों का भुगतान कर दिया जाएगा।
हरीशंकर, जिला मलेरिया अधिकारी