लखीमपुर/निघासन। अधिशासी अभियंता के शारदा बैराज के गेट खोलने के इन्कार पर सोमवार को किसान भड़क गए। अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राम दास व भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी की सदस्य कृष्ण अधिकारी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान मार्च करते हुए शारदा बैराज पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन किया।
किसानों ने अधिशासी अभियंता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने, डूब क्षेत्र घोषित करने के सिंचाई विभाग के परिपत्र को वापस लेने, बैराज के फाटकों को 15 सितंबर तक खुला रखने की मांग की है। कटान से कृषि भूमि व आबादी की रक्षा के लिए ठोकर तटबंध बनाने और सभी किसानों के कर्ज माफ करने आदि मांगों को लेकर आवाज उठाई।
सोमवार को गांव दीनापुरवा के उत्तम, जगदीश, रामलखन, सेवाराम, जगजीवन, राजू, राम जीवन, चुननेलाल, विशेश्वर, रामकिशोर को फूल माला पहनाकर अनशन पर बैठाया गया। अनशन स्थल पर नायब तहसीलदार निघासन पहुंचे। किसानों ने कहा कि जब अधिशासी अभियंता ने एसडीएम की बात नहीं सुनी, तो हमारा अनुरोध कैसे स्वीकार करेंगे।
कामरेड कृष्णा अधिकारी ने कहा कि शारदा सहायक सिंचाई परियोजना के दोनों तटबंधों की बीच की कृषि आबादी व कृषि भूमि को डूब क्षेत्र घोषित करना और अधिशासी अभियंता का गेट खोलकर क्षेत्र से पानी निकालने से इन्कार करना किसानों को जमीन से उजाड़ने की योगी सरकार की सोची समझी साजिश का अंग है। किसान यूनियन के उपाध्यक्ष पाला सिंह ने पूर्ण समर्थन और सहयोग देने की घोषणा।
इस दौरान शीतल सिंह, अनीता, रणजीत सिंह, राम केवल राम जीवन, मैनेजर राम प्रसाद, संजय, अलगू राम आदि बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
शारदा बैराज पर धरने पर बैठे किसान- स्रोत पार्टी