जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में बुखार पीड़ित को दवाएं लिखते बाल रोग विशेषज्ञ
लखीमपुर खीरी। बदलता मौसम बच्चों को बीमार कर रहा है। बच्चे वायरल बुखार की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बाल रोग विभाग की ओपीडी का आंकड़ा 200 से 250 तक पहुंच रहा है। इसमें करीब 70 प्रतिशत बच्चे बुखार के होते हैं। उधर, तमाम बच्चे गंभीर हालत में इमरजेंसी में पहुंच रहे हैं। चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या 13 हो गई है। वार्ड में बेडों की संख्या महज 20 ही है।
जिला अस्पताल में इलाज के लिए गंभीर हालत में पहुंचे 11 वर्षीय संजू पुत्र रुद्र सिंह, पांच वर्षीय संकुल पुत्र सदाशिव, तीन वर्षीय शीबा पुत्री शकमुल्ला को आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है। 12 वर्षीय सनी पुत्री दिलीप अवस्थी, 11 वर्षीय पायल पुत्री कैलाश चंद्र, पांच माह आर्य पुत्र विक्रम वर्मा, छह माह की जुमैरा पुत्री असगर अली, पांच वर्षीय आयुष पुत्र रंजीत, नौ वर्षीय मोहित पुत्र दिनेश कुमार, 12 वर्षीय शिवांश पुत्री सुंदर लाल, चार वर्षीय आराध्य पुत्र कृष्ण मुरारी को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि वायरल बुखार का कारण प्रदूषित जल और बासी भोजन का सेवन करना है। इसलिए खानपान और घर की साफसफाई पर विशेष ध्यान दें। बच्चों को अच्छी तरह हाथ धुलने की आदत डलवाएं। इसके अलावा नियमित टीकाकरण कराएं।