राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत राजकीय कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग और कमजोर छात्रों को अलग से कोचिंग देने की व्यवस्था शुरू हुई है। छात्र-छात्राओं को अलग से कोचिंग दिए जाने का उद्देश्य राजकीय कॉलेजों का रिजल्ट बेहतर बनाने के लिए है। डीआईओएस ने सोमवार को कार्यालय पर हुई कार्यशाला में शिक्षकों को इसके बारे में जानकारी दी। डीआईओएस डॉ. ओपी गुप्ता ने कार्यशाला में उद्भव कार्यक्रम, उपचारात्मक शिक्षण व्यवस्था सहित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए शिक्षकों को बताया कि छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए कॉलेज में जूडो की ट्रेनिंग दी जाएगी। वहीं उद्भव कार्यक्रम के तहत कमजोर छात्रों को अलग से कोचिंग और उपचारात्मक शिक्षा व्यवस्था के तहत कक्षा नौ में जो छात्र कमजोर होंगे उन्हें 45 दिन तक गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषय की कोचिंग दी जानी है। अभियान प्रभारी अशोक मिश्रा ने बताया कि 45 दिनों तक कोचिंग देने वाले शिक्षकों को दो हजार रुपये भी मिलेंगे। वहीं कॉलेज में शिक्षक ना होने की दशा में बाहर से भी शिक्षक बुलाए जा सकेंगे। इस मौके पर राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।