सड़क पर धरने पर बैठा परिवार। संवाद
मोहम्मदी। बारिश में नगर का गंदा पानी घर में भर जाने से आहत कस्बे के मोहल्ला भीतर मोहम्मदी निवासी भीष्म कुमार, अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ बृहस्पतिवार रात रामलीला चौराहे के पास सड़क पर धरने पर बैठ गए। मोहम्मदी-शाहजहांपुर हाईवे पर जाम लग गया। लोग काफी देर तक जाम से जूझते रहे। कस्बा चौकी पुलिस ने समझा-बुझाकर पीड़ित से तहरीर ली और यातायात बहाल कराया।
कस्बे के मोहल्ला भीतर मोहम्मदी निवासी भीष्म कुमार के मकान में नगर के पानी निकास नालों का गंदा पानी अंदर कमरों तक पहुंच जाता है। गंदगी और गंदे पानी से बीमारी फैलने का डर रहता है। आसपास के मकान भी जलभराव की चपेट में आ जाते हैं। घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। घर में गंदा पानी भरा होने से खाना बनने में भी दिक्कत होती है। भूखा रहना पड़ता है।
इसी बात को लेकर भीष्म कुमार, पत्नी गीता देवी और दो मासूम बच्चों के साथ बृहस्पतिवार रात करीब 9.30 बजे मोहम्मदी-शाहजहांपुर हाईवे पर बैठ गए। इससे जाम लग गया। पता चला तो पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का प्रयास किया, मगर तहसील का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। सड़क पर धरना देने वाले भीष्म कुमार और उनके भाई दीपेंद्र मोहन भाजपा में पदाधिकारी रह चुके हैं।
जनसंघ से मोहम्मदी विधानसभा के विधायक रह चुके स्व. मन्ना लाल के पौत्र हैं। भीष्म कुमार भाजपा में अनुसूचित मोर्चा के नगर अध्यक्ष हैं। दीपेंद्र पूर्व नगर मंत्री भाजपा में रह चुके हैं। पुलिस के काफी समझाने और तहरीर लेने पर भीष्म कुमार और उनके परिजनों ने रात करीब 11 बजे धरना समाप्त कर दिया।
बरसात में होती है जलभराव की स्थिति : एसडीएम
एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि मामले की जांच नायब तहसील तहसीलदार से कराई गई। दीपेंद्र कुमार मोहन और भीष्म कुमार का मकान बहुत नीचा बना है। बरसात के कारण जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। पानी रिसकर मकान के अंदर चला जाता है। नायब तहसीलदार की जांच के समय जलभराव नहीं पाया गया। सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर में कहा गया है कि पीड़ित भूख से तंग आकर धरने पर बैठा। ऐसा नहीं है। एक भाई तहसील में बैठते हैं और भीष्म कुमार की दोने-पत्तल की दुकान है।