शारदा नदी में समा चुकी है सौ हेक्टेयर भूमि
निघासन तहसील क्षेत्र के गांव ग्रंट नं 12 में शारदा नदी बीते एक सप्ताह में किसानों की लगभग सौ हेक्टेयर जमीन लहलहाती फसलों के साथ अपने में समा चुकी है। अब गांव भी शारदा नदी की जद में आ गया है।
निघासन तहसील क्षेत्र के ग्रंट नंबर 12 में शारदा नदी ने तबाही मचा रखी है। नदी ने बीते एक सप्ताह में शैलेंद्र कुमार, अनुज कुमार, सज्जन कुमार, शेरसिंह, धर्मेश शुक्ला, इंदु कुमार, राहुल कनौजिया, राजू जायसवाल, नरेश सनोज जायसवाल सहित 80 किसानों की करीब 100 हेक्टेयर लहलहाती फसलों सहित जमीन नदी में समा चुकी हैं। नदी तेजी से कटान करती हुई अब गांव के करीब पहुंच चुकी है।
ग्रामीणों के मुताबिक, नदी अब किसी भी समय आबादी का कटान शुरू कर सकती है। प्रशासन ने अब तक इन गांव में कोई बचाव कार्य शुरू नहीं कराया है। एसडीएम राजीव निगम ने बताया कि सूचना मिली है गांव में राजस्व टीम भेजी है। बचाव कार्य के लिए बाढ़ खंड को अवगत कराया गया है।
तेजी से कटान कर रही घाघरा
कुरतैहा-माथुरपुर में करीब साढ़े चार करोड़ की लागत से तैयार बांध परियोजना निगलकर घाघरा नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है। घाघरा का जबरदस्त कटान देख तराई के गांव देवीपुरवा, लालापुर, सुजानपुर, मोटेबाबा, रामनगर बगहा, तालियाघाट, और गुलरिया आदि के ग्रामीणों में हलचल मच गई है। कुरतैहा और माथुरपुर से घाघरा नदी महज दो सौ मीटर की दूरी पर है। दोनों गांवों की आबादी दो हजार के करीब है। वहीं अधिशाषी अभियंता अजय कुमार ने इस बारे में अनभिज्ञता जाहिर की।
दंबलटांडा में भी शारदा काट रही बांध परियोजना
दंबलटांडा में बनवाई गई कटाव निरोधक परियोजना को शारदा नदी ने काटना शुरू कर दिया है। परियोजना के कट जाने से कई गांवों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है, अभी तो पानी बढ़ रहा है। अगर ज्यादा बाढ़ आती है तो परियोजना के नदी में समा जाने का खतरा है। इससे दंबलटांडा, रेवतीपुरवा, रमेश्वरापुर, रैनागंज आदि गांवों के लिए खतरा बढ़ गया है।