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जिले में उल्टी, दस्त और बुखार का कहर, सात दिन में 56 बच्चे हुए भर्ती

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लखीमपुर खीरी-ओयल। जिले में उल्टी, दस्त और बुखार बच्चों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। पिछले सात दिन में 56 बच्चे जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती हुए हैं, जिनमें तीन की इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई, जबकि अभी सात बच्चों का इलाज चल रहा है। उधर, जिले में मौसमी बीमारियों का प्रकोप शुरू होने के बावजूद जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं हावी हैं। अस्पताल में अभी तक आईसीयू वार्ड तक तैयार नहीं हो सका है, उधर अस्पताल परिसर में पड़ा मेडिकल कचरा संक्रमण को दावत दे रहा है।
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संक्रामक रोगों ने जिले में पांव पसार लिए है। इसकी वजह से रोजाना उल्टी, दस्त और बुखार पीड़ित बच्चे जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती हो रहे हैं। पिछले सात दिन में संक्रामक रोग की चपेट में आकर 56 बच्चे चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती हुए, जिसमें से तीन बच्चों की मंगलवार को मौत हो गई। वहीं बुधवार को डायरिया पीड़ित सात वर्षीय रूकैय्या पुत्री इशहाक निवासी नौरंगाबाद, तीन माह की बेबी पुत्र अजय मिश्रा निवासी ईदगाह, सात वर्षीय आकांक्षा पुत्री दिलीप निवासी फत्तेपुर सैधरी और बुखार पीड़ित पांच वर्षीय सत्यम पुत्र मुकेश निवासी सीतापुर, 12 वर्षीय सुधांशु पुत्र बहादुर निवासी बम्हनपुर एवं 10वर्षीय अखिल पुत्र दिलीप निवासी लगुचा एवं आठ वर्षीय अंजलि पुत्र राम सिंह निवासी घोसियाना भर्ती हुए।
तीन की मौत के बाद जागे जिम्मेदार
जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का यह आलम है कि आईसीयू वार्ड अभी तक पूरी तरह से तैैयार नहीं हो सका है, जबकि मंगलवार को बुखार और डायरिया पीड़ित तीन बच्चों की मौत तक हो चुकी है। बुधवार को डीएम के आगमन की सूचना मिलने पर हरकत में आए सीएमएस ने आईसीयू के छह बेड तैयार कराए, जबकि चार बेड अभी तक तैयार नहीं है। इस मौसम में डायरिया, बुखार के साथ जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस)और एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में आईसीयू वार्ड का अब तक तैयार न होना साफ साफ जिम्मेदारों की लापरवाही दर्शा रहा है।
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मेडिकल कचरा बढ़ा रहा संक्रमण का खतरा
एमसीएच विंग में संचालित जिला अस्पताल का मेडिकल कचरा परिसर में ही पड़ा है। इससे उठती दुर्गंध अस्पताल स्टाफ से लेकर मरीज और तीमारदारों के लिए मुसीबत बन गई है। वहीं इसकी वजह से संक्रमण का खतरा भी मंडराने लगा है। स्टाफ का कहना है कि जिला अस्पताल को एमसीएम में शिफ्ट हुए एक माह से ज्यादा का समय हो गया है। इसके बावजूद अभी तक अस्पताल में अव्यवस्थाएं हावी हैं।
बच्चों का आईसीयू वार्ड बुधवार को व्यवस्थित करा दिया गया है। जो कुछ कमियां रह गई हैं। उन्हें बृहस्पतिवार को दुरुस्त करा दिया जाएगा, जिससे बच्चों को बेहतर इलाज मिल सके। - डॉ. हर्षवर्धन सीएमएस जिला अस्पताल
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