पलियाकलां। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर चीनी मिल के बाहर क्रमिक अनशन पर बैठे किसानों ने सोमवार को मिल पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए मिल के मुख्य गेट के अलावा जीएम कार्यालय और गोदाम-मिल को जाने वाले रास्ते के दरवाजों पर तालाबंदी कर दी। किसानों ने आरोप लगाया कि मिल ने फरवरी के तीसरे सप्ताह में संपूर्ण बकाया भुगतान की बात की थी, लेकिन अब वादाखिलाफी करते हुए 15 मार्च तक भुगतान करने की बात कह रहे हैं।
किसान नेता जगपाल सिंह ढिल्लन ने बताया कि अभी तो पिछले सत्र का ही 59 करोड़ रुपये बकाया है, जो मिल नहीं दे रही है। मिल के नोएडा डायरेक्टर डॉ. एबी सिंह ने बकाया भुगतान 15 मार्च तक होने की बात कही है, जो गलत है। ऐसे में मिल बंद हो जाने के बाद फिर किसानों का करीब चार सौ करोड़ रुपये से ऊपर का पिछला और नया बकाया हो जाएगा। इस वादाखिलाफी पर ही तालाबंदी की गई है। उधर, किसानों की तालाबंदी का पलिया बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने भी समर्थन किया है। भारी संख्या में अधिवक्ताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के पक्ष में मिल के खिलाफ नारेबाजी की।
जीएम कार्यालय के गेट का ताला टूटने पर भड़के किसान
जीएम कार्यालय के बाहर किसानों ने ताला डाल दिया था लेकिन शाम करीब पांच बजे गेट का ताला टूटने की खबर के बाद भारी संख्या में किसान मुख्य गेट से जीएम कार्यालय पहुंच गए। यहां पुलिस पर ताला तोड़ने का आरोप लगाते हुए किसानों ने यहीं धरना शुरू कर दिया है। जो देर शाम तक जारी रहा।
पुलिस-अधिकारियों की भी सुनने को तैयार नहीं किसान
किसानों को बकाया भुगतान के बारे में न बताकर तालाबंदी खोलने की बात मिल अधिकारी व पुलिस द्वारा कही जाने पर भी किसान नहीं माने। किसानों का कहना था कि जब तक पिछले सत्र का संपूर्ण भुगतान नहीं हो जाता है, तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्रा भी किसानों को मनाते दिखे लेकिन देर शाम तक कोई बात नहीं बन सकी थी।
बोले किसान- ताला नहीं खोलेंगे, चाहें जेल हो जाए
किसान नेता जगपाल सिंह ने कहा कि करीब एक माह से मिल के बाहर क्रमिक अनशन कर रहे हैं लेकिन भुगतान की रफ्तार रोजाना धीमी होती जा रही है। मिल केवल वादाखिलाफी कर रही है। उन्होंने कहा कि ताला नहीं खोला जाएगा और दबाव पड़ा तो किसान जेल जाने के लिए भी तैयार हैं।