उत्तेजित परिजनों ग्रामीणों को समझाते रेंजर
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निघासन। रविवार को बिना वर्दी अवैध शराब पकड़ने गए पढुआ चौकी के चार सिपाहियों को ग्रामीणों ने बंधक बनाकर पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची सिंगाही पुलिस ने सिपाहियों को बंधनमुक्त कराया। सीओ ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की बात कही है।
निघासन के पढ़ुआ चौकी में तैनात सिपाही आलोक, नीरज, अनुज और अबरार हुसैन रविवार सुबह करीब नौ बजे निघासन थाने के राजपुर और सिंगाही थाने के बथुआ टांडा गांव के बॉर्डर पर खड़े थे। इसी बीच सिंगाही थाने के बथुआ टांडा निवासी राजेश अपने बेटे करन के साथ गन्ना छीलने के लिए बाइक से खेत जा रहे थे। इस बीच सिपाही सिंगाही थाना क्षेत्र की सीमा में आ गए और बाइक रोककर उससे कच्ची शराब के बारे में पूछताछ करने लगे। बताया गया कि जानकारी न देने पर सिपाहियों ने उसे पकड़ लिया और बाइक की चाभी छीनते हुए पिटाई शुरू कर दी।
किसी तरह करन बचकर गन्ने के खेत में पहुंचा और वहां पर गांव वालों को फोन पर सूचना दी। जिस पर मौके पर पहुंचे गांव वालों ने उसे सिपाहियों को घेर लिया और उनकी जमकर पिटाई करने लगे। सिपाही अनुज बचने की कोशिश में भागा तो पानी के गड्ढे में गिर गया। इस बीच गांव की महिलाओं ने भी उसे पीटा और सभी को पकड़कर गांव ले गए। जब अबरार ने सिपाही होने की बात बताई तब उन महिलाओं ने उन्हें छोड़ दिया। अबरार ने सिंगाही थाने में फोन कर घटना की सूचना दी, जिस पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सिपाहियों को बंधनमुक्त कराया और सिंगाही थाना लेकर आए। सीओ एसएन तिवारी ने बताया कि मामले में आरोपी ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
सात साल पहले भी सिपाहियों को बंधक बनाकर पीटा था
निघासन। सिंगाही थानाक्षेत्र के गांव बथुआ टांडा में भूमि विवाद को लेकर 10 दिसंबर 2015 को गए सिपाहियों को भी महिलाओं ने बंधक बनाकर पिटाई कर दी थी। सिपाही नवनीत और कपिल की रायफल छीन ली थी। बड़ी मशक्कत के बाद उनका रायफल वापस की थी। पुलिस ने इस मामले में कई लोगो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चालान भेजा था।