ममरी। बाघ के हमले में किसान जाकिर अली की जान जाने से भड़के परिजन और ग्रामीण करीब छह घंटे तक गोला- सिकंदराबाद पर डटे रहे। शाम पांच बजे के बाद आवास, कृषि भूमि का पट्टा और बाघ पकड़े जाने के आश्वासन पर परिजन माने और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
सिकंदराबाद मार्ग पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों ने बाघ को पकड़वाने, 25 लाख मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, एक एकड़ भूमि, आवास की मांग की। वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर पहुंचे एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, एसडीओ अभय प्रताप सिंह, भाजपा नेता धर्मेंद्र गिरि मोंटी और परिजनों के बीच कई क्रम में वार्ता हुई।
शाम 5:30 बजे तीन दिन में बाघ को पकड़वाने, अनुमन्य मुआवजा, आवास और कृषि पट्टा देने को लेकर परिजनों के बीच सहमति बनी। मृतक के परिवार में पत्नी हनीफा बेगम, तीन बेटे और एक बेटी है। बताया जा रहा है कि बेटी की शादी हो चुकी है। परिवार खेती-किसानी पर आश्रित है।