लखीमपुर खीरी। जिले में ग्राम न्यायालय के रूप में गोला में पहली अदालत संचालित हुए एक महीना हो रहा है, लेकिन अभी तक ग्राम न्यायालय में अभियोजक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। उधर, इस संबंध में सीजेएम प्रमोद यादव ने अभियोजन निदेशक को निर्देशित किया है।
जिले में अभियोजन अधिकारियों की इस कदर कमी है कि खुद अभियोजन निदेशक को मिलाकर सात अभियोजक ही जिले में तैनात हैं, जबकि मोहम्मदी आउटलाइन कोर्ट और निघासन कोर्ट के लिए भी एक-एक अभियोजन अधिकारी की तैनाती है। अभियोजन निदेशक दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी शहला शमी के साथ ही चार सहायक अभियोजन अधिकारी और एक अभियोजन अधिकारी कार्य देख रहे हैं। गोला की ग्राम न्यायालय अभी हाल ही में बनी है। जिसके लिए शीघ्र ही अभियोजक की नियुक्ति की जाएगी।
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बिना गवाही के ही लौट गया साक्षी
लखीमपुर खीरी। न्यायाधिकारी शिखर अग्रवाल की ग्राम न्यायालय में सुनवाई के लिए मंगलवार को कई पत्रावली गवाही के लिए नियत थीं, जिनमें सड़क दुर्घटना की एक पत्रावली गवाही में अभियुक्त व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुआ और साक्षी छेदा लाल भी आया था। सरकारी वकील की उपलब्धता न होने के कारण गवाही नहीं लिखी जा सकी, इसे लेकर न्याय अधिकारी ने उच्च अधिकारियों से लिखा पढ़ी की है। संवाद