फरधान (लखीमपुर खीरी)। चोरी के आरोपी सिसावांकला के रहने वाले एक नाबालिग की इलाज के दौरान लखनऊ में शनिवार को मौत हो गई। तीन सितंबर को थाने ले जाकर पीटने का पुलिस पर आरोप लगाते हुए परिजनों ने थाने के गेट के सामने जाम लगा दिया।
थाने के सामने लखीमपुर-गोला मार्ग पर लगाए गए जाम को खुलवाने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजीं। पुलिस जाम तो नहीं खुलवा सकी, वहीं इस दौरान रास्ते से गुजरते धौरहरा खुर्द का हर्षित कुमार के हाथ की हड्डी डंडा लगने से टूट गई। बाद में श्रीनगर के पूर्व विधायक रामसरन व गोला के पूर्व विधायक विनय तिवारी भी धरने पर बैठ गए। देर रात तक लोग हाईवे पर डटे रहे।
नाबालिग के भाई ने बताया कि सिसावांकला गांव में राधेश्याम के खोखे में चोरी हो गई थी। नामजद तहरीर दिए जाने के बाद घटना कबूल करने के लिए पुलिस ने दो-तीन दिन थाने में उसे जमकर पीटा। छह सितंबर को जब उसकी तबीयत बिगड़ गई तो पुलिस ने परिजनों को बुलाकर उसे सौंप दिया था। लखीमपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया था।
लखनऊ में शनिवार को उसकी मौत होने के बाद परिजन शव लेकर फरधान थाने के गेट पर पहुंचे और जाम लगा दिया। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई व मुआवजा की मांग की। हाईवे जाम होने की सूचना मिलने पर एएसपी पवन गौतम, सीओ सिटी रमेश कुमार तिवारी और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अफसर देर रात तक परिजनों को समझने में जुटे रहे। धरने पर साथ बैठे दोनों विधायकों ने भी आरोपी पुलिस कर्मियों पर हत्या के मुकदमे की मांग की।
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तीन सिपाहियों पर कार्रवाई की संस्तुति
प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने हलका के तीन सिपाहियों पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। कहा गया है कि सिपाही सुनील कुमार यादव, निशांत और अशोक कुमार सिंह ने अपने कार्याें में लापरवाही बरती। इसलिए उन पर कार्रवाई की जाए।
वर्जन
घटना के बाद परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। वार्ता चल रही है। जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई तय है। -गणेश प्रसाद साहा, एसपी