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UP Board Result: आज जारी होगा यूपी बोर्ड का रिजल्ट, लखीमपुर खीरी के 89 हजार विद्यार्थियों को बेसब्री से इंतजार

Tue, 25 Apr 2023 07:48 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से मंगलवार, 25 अप्रैल को कक्षा 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी किए जाने हैं। छात्र सबसे पहले रिजल्ट अमर उजाला की MY Result Plus Results.AmarUjala.Com वेबसाइट पर भी चेक कर सकेंगे।  
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UP Board Result 2023 - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) मंगलवार को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित करेगा। लखीमपुर खीरी जिले में इस संबंध में डीआईओएस को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वहीं छात्र-छात्राएं अपनी मेहनत का नतीजा जानने के लिए जहां बेहद उत्साहित हैं तो वहीं धड़कनें भी तेज हो गई हैं।

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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 16 फरवरी को शुरू होकर चार मार्च को समाप्त हो गई। इसमें हाईस्कूल के 51200 और इंटरमीडिएट के 38690 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद 18 मार्च को उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू होकर 31 मार्च को समाप्त हो गया। 

डीआईओएस डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यूपी बोर्ड का रिजल्ट मंगलवार दोपहर में जारी होगा। इस संबंध में परिषद की ओर से पत्र जारी कर दिया गया है। छात्र-छात्राएं माध्यमिक शिक्षा परिषद की बेबसाइट पर अपना रिजल्ट देखकर उसका प्रिंट निकलवा सकते हैं।

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बच्चों को न डांटें और न ही अकेला छोड़े

नैदानिक मनोवैज्ञानिक स्तुति कक्कड़ का कहना है कि रिजल्ट आने पर बच्चों को न तो डांटें और न ही अन्य से उसकी तुलना करें। इस तरह का बर्ताव करने से बच्चा अवसाद में जा सकता है। माता-पिता नंबर कम आने पर न तो बच्चों को डांटें और न ही उसे अकेला छोड़े। बच्चों की मनोदशा समझने का प्रयास करें। संवाद बनाकर तनाव से मुक्त रखें। रिजल्ट के बाद यदि बच्चों के व्यवहार में किसी तरह का परिवर्तन दिखने पर जिला अस्पताल लाकर काउंसिलिंग कराएं, जिससे उसे तनाव मुक्त किया जा सके।

जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला ने बताया कि हर अभिभावक अपने बच्चे को टॉपर बनते देखना चाहता है। इससे वह बच्चों से तरह तरह की अपेक्षाएं लगा लेते हैं मगर बच्चे की क्षमता पहचानने से चूक जाते हैं। नंबर कम आने पर उलाहना देते हैं, जिसका उनके दिल और दिमाग पर नकारात्मक असर पड़ता है। नंबर कम आने या फिर फेल होने पर बच्चों को प्रताड़ित करने के बजाय फिर से लक्ष्य पाने के लिए और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
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