लखीमपुर खीरी। कड़ी धूप और भीषण गर्मी के चलते पूरा जिला दहक रहा है। तापमान में बढ़ोतरी के साथ-साथ गर्म लू कि थपेड़ों से आम जनजीवन बेहाल है। कई दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दिन और रात के तापमान में अंतर लगातार घटता जा रहा है। इससे रातें भी गर्म हो रही हैं। लोगों की कार्यक्षमता बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उधर, बिजली की आवाजाही ने भी लोगों को परेशान करके रख दिया है।
बुधवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पसीना आखों के अंदर तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों को आंख संबंधी बीमारियों से जूझना पड़ रहा है। कई बुजुर्गों का कहना है कि जितनी गर्मी इस साल पड़ रही है, उतनी गर्मी पिछले 15-20 वर्षों में नहीं हुई है।
सुबह होते ही सूरज की तपिश से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। सुबह के 10-11 बजते बजते सड़कें ही तपना शुरू नहीं हो जातीं आसमान से आग बरसने लगती है। इन दिनों मौसम पूरी तरह शुष्क है। बुधवार को मौसम में आद्रता घटकर सिर्फ 14 फीसदी रह गई है, जबकि मंगलवार को आद्रता 18 फीसदी थी। जिले में 15 किलोमीटर की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं। दिन में यह धूल भरी आंधी जैसा आभास करा रहीं हैं।
देर से शुरू हुआ लू का प्रकोप, मानसून में हो सकती है देरी
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व निदेशक और मौसम विज्ञानी जेपी गुप्ता का कहना है कि इस बार लू का प्रकोप देर से शुरू हुआ है, इससे मानसून भी देर से आने की संभावना है। वायुमंडल में लगातार घट रही आद्रता, अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कम होता अंतर मौसम के लिहाज से काफी घातक है। यह मौसम बीमारियां फैला सकता है। मानसून आने में देरी हो सकती है। बारिश भी औसत से कम होने की भी आशंका है। उधर डाक्टर भी चल रहे हीट वेव को सेहत के लिए बेहद खतरनाक मान रहे हैं।