डॉ. आरपी वर्मा
ओयल। जिला अस्पताल में नौनिहाल बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। शुक्रवार रात दो बच्चों को अस्पताल लाने के कुछ ही घंटे बाद उनकी मौत हो गई।
शुक्रवार को थाना फरधान क्षेत्र के मन्योरा निवासी हरिशचंद्र ने अपने ढाई माह के बेटे जितिन को गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। सीतापुर के इमलिया सुल्तानपुर निवासी बब्लू तीन माह के बच्चे आरव को गंभीर हालत में एमरजेंसी में लेकर पहुंचे। दोनों बच्चों को निमोनिया, सांस लेने में दिक्कत व सीने में जकड़न की समस्या थी। डॉक्टर ने इलाज शुरू किया लेकिन शनिवार सुबह दोनों की मौत हो गई। एक दिन पहले भी जिला अस्पताल में भर्ती आदिबा व मुकेश की मौत हो गई चुकी है। बच्चा वार्ड में तीन तो बुजुर्गों वार्ड भर्ती नौ में चार मरीजों को सांस संबंधी समस्या है। पुरुष मेडिकल कक्ष के 17 मरीजों में पांच को सांस संबंधी बीमारी है। महिला वार्ड में भर्ती 15 मरीजों में तीन इस समस्या से पीड़ित हैं।
माता-पिता बरतें सावधानी, समय रहते बच्चों को लाएं अस्पताल
बालरोग विषेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि 0 से 1 वर्ष तक के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही कमजोर होती है। ऐसे बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सर्दियों में बच्चों को टोपी, मोजा और गर्म कपड़े अच्छी तरह से पहना कर रखना चाहिए। धूप में में कपड़े न निकालें। इससे हवा सीधे शरीर के संपर्क में नहीं आएगी। यदि मालिश करें तो बंद कमरे में। कमरे का तापमान सामान्य हो। बच्चों और मां को ठंडे पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कोई भी समस्या हो, तुरंत डॉक्टरों से संपर्क करें।