तिकुनिया। ब्लॉक में पशुओं के इलाज की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। मौजूदा समय में तहसील के करीब एक लाख पशुओं के इलाज की जिम्मेदारी दो डॉक्टर और एक फार्मासिस्ट संभाल रहे हैं।
निघासन के अलावा सिंगाही, तिकुनिया और थारू बहुल गांव बेलापरसुआ में पशु अस्पताल हैं। निघासन में डॉ. इंद्रदेव माहर और फार्मासिस्ट सियाराम हैं। सिंगाही में अकेले डॉ. अवधेश कुमार ही हैं। तिकुनिया और बेलापरसुआ के राजकीय पशु चिकित्सालय में न कोई डॉक्टर और न ही कोई फार्मासिस्ट है।
तिकुनिया में वार्ड बॉय गुलाब सिंह अस्पताल में रहते हैं। गुलाब सिंह ने बताया तिकुनिया का चार्ज निघासन के डॉक्टर के पास है। इसलिए बॉर्डर क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ता है। वहीं, डॉ. इंद्रदेव माहर ने बताया कि ब्लॉक में कुल चार पशु मित्र नियुक्त थे, जो काम छोड़कर चले गए। 11 पशुमित्रों का चयन किया है जिनका प्रशिक्षण चल रहा है। पशुओं के इलाज की व्यवस्था और वैक्सीनेशन समय-समय पर किया जा रहा है।