मामले में किसान नेता प्रदीप शुक्ला उर्फ श्यामू का कहना है कि 7 नवंबर को टोल प्लाजा पर किसान पंचायत की गई थी। अफसरों ने एक हफ्ते में समस्याओं के निराकरण का वादा किया था। प्रमुख मांगों में बीडीओ पसगवां व मैगलगंज इंस्पेक्टर को हटाने की मांग थी। इसलिए सत्ता पक्ष के दो बड़े नेताओं के इशारे पर तिकुनिया कांड की तरह धरनास्थल पर मौजूद किसानों को कुचलकर मारने की कोशिश हुई है।
उधर, पुलिस ने बताया कि ट्रक ड्राइवर रात में सीतापुर की ओर से आ रहा था। झपकी लगने से रोड के किनारे बैरिकेडिंग से टकरा गया। किसी भी किसान को चोट नहीं आई है। ट्रक ड्राइवर और कंडक्टर से पूछताछ की जा रही है। एसओ मैगलगंज अनिल कुमार सिंह का कहना है कि ट्रक ड्राइवर को झपकी लगने से ट्रक बैरिकेडिंग से टकरा गया है, किसी किसान को कोई नुकसान नहीं हुआ है।