इस दौरान प्रशिक्षिकाओं ने प्रशिक्षुओं को तकिया कवर पर कढ़ाई के हुनर सिखलाए।
कस्बे में आयोजित त्रैमासिक शिविर में दाखिला लेकर कढ़ाई का प्रशिक्षण ले रहीं छात्राओं गुंजन, शशिबाला, किरन, क्रांती आदि ने बताया कि उन्होंने छात्र जीवन से ही स्वावलंबी बनने का सपना देखा था। प्रशिक्षिकाओं संतोष और वंदना ने बताया कि बालिकाओं को इन दिनों मैटेरियल उपलब्ध कराकर कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छात्राओं के स्कूल से वापस आने के बाद उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है।