मैलानी। आमान परिवर्तन के बाद से अब तक मैलानी से सीधे लखनऊ जंक्शन तक सिर्फ एक ट्रेन चलने से क्षेत्रवासियों को दूर दराज की ट्रेनों को पकड़ने में खासी मुश्किल पेश आती हैं।
आमान परिवर्तन के बाद वर्ष 2020 में 14 फरवरी को सांसद अजय मिश्र टेनी ने मैलानी से लखनऊ के बीच ट्रेन संचालन का उद्घाटन किया था। इसके बाद 15 फरवरी से इस रूट पर विधिवत ट्रेनों का आवागमन शुरू हुआ था। उस समय मैलानी से लखनऊ के बीच एक एक्सप्रेस और एक पैसेंजर ट्रेन का संचालन होता था। इसके बाद लखनऊ तक एक और ट्रेन की सौगात मिली, लेकिन चार महीने पहले रेल प्रशासन ने मैलानी-लखनऊ के बीच संचालित पैसेंजर ट्रेनों का संचालन डॉलीगंज तक ही सीमित कर दिया है। इस कारण अब लखनऊ से दूरदराज की ट्रेनें पकड़ने वाले यात्री डॉलीगंज से टेंपो या ई रिक्शा लेकर लखनऊ जंक्शन पहुंचते हैं।
पैसों और समय की बर्बादी के साथ होती हैं परेशानियां
मैलानी। मैलानी से डॉलीगंज और लखनऊ तक का किराया एक समान 75 रुपये है। डॉलीगंज से चारबाग तक टेंपो या ई रिक्शा वाले प्रति सवारी तीस रुपये लेते हैं। ऐसे में लखनऊ से अन्यत्र स्टेशनों की ट्रेनें पकड़ने वालों को लखनऊ तक पहुंचने में तीस रुपये अधिक खर्च करने के साथ ही मुसीबतें उठानी पड़ती हैं।
मैलानी-पीलीभीत के बीच पांच साल से बंद हैं ट्रेनें
मैलानी। मैलानी-पीलीभीत के बीच आमान परिवर्तन के लिए तीस मई 2018 को मेगा ब्लॉक लिया गया था। पिछले पांच सालों से अधिक समय बीतने के बावजूद इस रूट पर ट्रेनों का आवागमन शुरू नहीं हो सका है। हाल ही में पीलीभीत दौरे पर आए जीएम चंद्रवीर रमण ने दिसंबर तक काम पूरा होने की बात कही है।
शाहगढ़ तक पूरा हो चुका है आमान परिवर्तन का काम
मैलानी। मैलानी-पीलीभीत रेलखंड पर मैलानी से शाहगढ़ तक आमान परिवर्तन का काम पूरा होने के साथ ही सीआरएस निरीक्षण भी हो चुका है। मैलानी से शाहगढ़ तक फिलहाल डीजल इंजन से ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। मैलानी से पूरनपुर के बीच पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पड़ने वाले आधा किमी क्षेत्र को छोड़कर पूरनपुर तक विद्युतीकरण का काम भी पूरा हो चुका है।
मुंबई तक ट्रेन चलाने की मांग
मैलानी। गोरखपुर रूट पर एक एक्सप्रेस ट्रेन चल रही है। इसी के साथ ही मुंबई की ओर एक लंबी दूरी की ट्रेन चलाई जाए, जिससे यूपी के औद्याेगिक नगर कानपुर तक आसानी से पहुंचा जा सके। क्योंकि क्षेत्र के अधिकांश व्यापारियों का कारोबार के सिलसिले में कानपुर आना-जाना लगा रहता है। व्यापारियों की मांंग है कि मैलानी से मुंबई तक एक ट्रेन चलाई जाए।