लखीमपुर खीरी। अवधी सम्राट बंशीधर शुक्ल के पुत्र साहित्य भूषण डाॅ. सत्यधर शुक्ल का 89वां जन्मदिन उनके पैतृक गांव मन्यौरा में मनाया गया। इस मौके पर साहित्य समागम हुआ।
मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय भाषा संस्थान सूरत (गुजरात) के अध्यक्ष डाॅ. गंगा प्रसाद शर्मा ‘गुणशेखर’ ने कहा कि सत्यधर शुक्ल का साहित्य वैविध्यपूर्ण है। वे अवधी और खड़ी बोली के श्रेष्ठ महाकवि हैं। कविता गीत, लोकगीत, नाट्य, कहानी, निबन्ध, महाकाव्य, खण्ड काव्य के तो सक्षम रचनाकार है ही, साथ ही चम्पू महाकाव्य का भी उन्होंने सृजन किया है।
गुणशेखर ने गुजरात में बनी एक माता सरस्वती की सुंदर मूर्ति प्रदान की और शाल भी ओढाया। इस मौके पर कवि सम्मेलन हुआ, जो 11 बजे दिन से शुरू होकर शाम छह बजे तक जारी रहा। इसमें बृजेश शाहजहांपुरी, डॉ. कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, अनुराग शुक्ल, अनामिका श्रीवास्तव, भगवती प्रसाद, गौरव शुक्ला, विजय ठाकुर, संत कुमार बाजपेयी, श्रीकांत तिवारी, शुभकार शुक्ला, महेद्र पाल सिंह ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार त्रिवेदी ने किया। इस मौके पर पं. बंशीधर शुक्ल स्मारक समिति का पुनर्गठन किया गया। इसमें राजकुमार त्रिवेदी को अध्यक्ष और गौरव शुक्ला को महामंत्री बनाया गया। संतकुमार बाजपेयी को उपाध्यक्ष और वैभव शुक्ला को कोषाध्यक्ष बनाया गया।