पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क में पहले दिन देर शाम को भारी संख्या में सैलानी पहुंचे थे। उन्होंने अपनी ऑनलाइन बुकिंग भी पहले से कराई थी। यहां सात हटों में करीब एक दर्जन से अधिक सैलानियों के रुकने का बंदोबस्त किया गया था। सुबह सात बजे के बाद पहली शिफ्ट में ही उनको जंगल का भ्रमण कराया गया।
सैलानियों में सुबह जंगल जाने का उत्साह देखते बनता था। करीब 16 जिप्सियों में सैलानी जंगल के अंदर रवाना हुए। उनकी नजर बाघ को ढूंढ रही थी, लेकिन बाघ के दीदार सैलानियों को दूसरे दिन भी नहीं हो सके। पहले दिन हालांकि कुछ सैलानियों को बाघ जरूर दिखा था। सुबह की शिफ्ट से वापस आने के बाद सैलानी यहां से चले गए। इसके बाद से दुधवा में सन्नाटा पसर गया। दोपहर बाद दूसरी शिफ्ट से पहले कुछ सैलानी यहां पहुंचे।
लखनऊ, दिल्ली आदि जगहों से यहां सैलानी पहुंच रहे हैं और स्टे कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को दूसरे दिन तीन हटों की एडवांस बुकिंग है। 21 नवंबर तक एक-दो कमरों की एडवांस बुकिंग हैं।
जिप्सी का कम हुआ किराया, जीनाॅन के किराए में नहीं हुई कमी
दुधवा नेशनल पार्क में जिप्सी जहां प्राइवेट तौर पर पार्क प्रशासन रखता है। वहीं जीनाॅन गाड़ियां वन निगम की तरफ से चलती हैं। जिप्सी का किराया पिछले साल 5900 रुपये था, जिसको घटाकर अब 3850 रुपये कर दिया गया है। जबकि जीनाॅन का किराया भी 5900 रुपये था। उसमें ज्यादा कमी न कर 5400 रुपये लिए जा रहे हैं। जिससे सैलानी ज्यादातर जिप्सियों की ही डिमांड कर रहे हैं। बताया जाता है कि जीनाॅन के किराए में 18 प्रतिशत जीएसटी जुड़ी है, जबकि जिप्सी पर जीएसटी की छूट है।
धूप सेंकते मगरमच्छ बन रहे आकर्षण का केंद्र
दुधवा जाने से पहले नकउहा नाला व उससे पहले एक तालाब के किनारे धूप सेंकते मगरमच्छ सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। यहां सैलानी अपने वाहनों का रोककर मगरमच्छों का दीदार कर रहे हैं और उनकी फोटो आदि भी खींचते हैं। बृहस्पतिवार को भी इन दोनों स्थानों पर एक-एक मगरमच्छ धूप सेंक रहा था, जिसपर सैलानी यहां रुके हुए थे।
सुहेली नेचर म्यूजियम कक्ष में लोकल सैलानियों की रही चहल-पहल
दुधवा के पर्यटन परिसर में ही सुहेली नेचर म्यूजियम कक्ष बना हुआ है। जिसमें गैंडा, बाघ, अजगर, मगरमच्छ समेत दुधवा में पाए जाने वाले विभिन्न वन्यजीवों के डमी रखे हुए हैं। साथ ही दुधवा के अन्य कई वन्यजीवों, पक्षियों के बारे में पूरी जानकारी के पोस्टर आदि भी लगे हैं। इसके अलावा थारू जनजाति क्षेत्र के रहन-सहन को दर्शाती प्रदर्शनी भी है। इसको देखने के लिए बृहस्पतिवार को भी लोकल सैलानियों की भीड़ लगी रही और वह सेल्फी व फोटो खींचते नजर आए। हालांकि पहले दिन की तुलना में लोकल सैलानी कम ही दिखे।
वर्जन
दुधवा में नवीन पर्यटन सत्र शुरू हो गया है, अब धीरे-धीरे सैलानियों की आमद होने लगी है। उम्मीद है कि घटी दरों में सैलानी बढ़ेंगे। लोकल सैलानी भी पहुंच रहे हैं और पर्यटन परिसर के साथ ही जंगल घूम रहे हैं। धीरे-धीरे सैलानी बढ़ना शुरू होंगे, अभी तो शुरूआत हुई है।
-डाॅ रंगाराजू टी., डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
दुधवा नेशनल पार्क में दूसरे दिन खुला गेट व पसरा सन्नाटा।