लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में मंत्री पुत्र आशीष समेत सभी 13 आरोपियों पर हत्या के आरोप तय होने के बाद प्रथम एडीजे सुनील वर्मा ने वादी मुकदमा को अदालत में पेश होने का समन जारी किया है। अदालत ने तिकुनिया पुलिस को अदालती समन भेजते हुए समय के भीतर गवाहों को सूचित करने के लिए आदेशित किया है।
बहुचर्चित तिकुनिया हिंसा कांड मामले में एडीजे प्रथम ने दोनों ही मामलों में आरोप तय कर दिए हैं। बुधवार को अदालत में तिकुनिया पुलिस को अपराध संख्या 219 (2021) के मामले में वादी मुकदमा को समन तामील करने की जिम्मेदारी सौंपी है। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत की गई गवाहों की सूची में एफआईआर कराने वाले वादी मुकदमा को मौके की हकीकत बताने के लिए अदालत में तलब किया है।
डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया तिकुनिया हिंसा मामले में 16 दिसंबर को गवाह पेश करने के लिए व्यापक तैयारी की जा चुकी है। गैर जनपद के गवाहों को भी बुलाया जाना है। इसलिए पुलिस अधीक्षक स्तर से भी पड़ोसी जनपद को लिखापढ़ी की जा रही है। घटना में चोटिल और मृतक किसानों में बहराइच और पीलीभीत के लोग भी हैं।
क्रॉस केस की जिम्मेदारी राजेश सिंह को
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में दर्ज हुए क्रॉस केस की पैरवी भी शासन स्तर से तेजी से शुरू हो गई है। एक पक्ष आशीष मिश्र मोनू सहित 14 आरोपियों को दंडित कराने के लिए कसरत कर रहा है, तो दूसरी तरफ सभासद सुमित जायसवाल की ओर से दर्ज कराई गई क्रॉस केस रिपोर्ट के मामले में प्रदर्शनकारी किसानों के पक्ष के गुरविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, कमलजीत सिंह और विचित्र सिंह को आरोपी बनाया गया है।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह के निर्देश पर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने क्रॉस केस की जिम्मेदारी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश सिंह को सौंपी है। हालांकि इससे पहले मामले में अभियोजन की जिम्मेदारी एडीजीसी शिव गोविंद राठौड़ को सौंपी गई थी, लेकिन उनके मोहम्मदी चले जाने के बाद पैरवी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। लिहाजा राजेश सिंह को क्रॉस केस मामले में अभियोजन टीम की जिम्मेदारी दी गई है।