Tikunia violence: Discharge application rejected in cross case case after hearing for ten months
चारों आरोपियों पर अब पांच दिसंबर को तय किए जा सकते हैं आरोप
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले के क्रॉस केस में करीब 10 महीने तक चली डिस्चार्ज अर्जी की सुनवाई शनिवार को निस्तारित हो गई। प्रथम एडीजे सुनील वर्मा ने चारों आरोपियों की ओर से दिए गए डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए आरोप बनाए जाने का निर्णय लिया है। चारों आरोपियों पर आरोप तय करने के लिए पांच दिसंबर की तारीख मुकर्रर की गई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश सिंह ने बताया कि तीन अक्तूबर 2021 को तिकुनिया कस्बे में दंगल के दौरान हिंसक वारदात करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं और आरोपी चालक की पीटकर हत्या कर देने के मामले में सभासद सुमित जायसवाल की ओर से क्रॉस केस दर्ज कराया गया था। मामले में एसआईटी ने जांच के बाद आरोपी गुरविंदर सिंह, कमलजीत सिंह सहित चार अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोपियों की ओर से निराधार तरीके से यह दलील देते हुए डिस्चार्ज अर्जी पेश की गई थी कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने भर के कोई सबूत मौजूद नहीं हैं। इसका डटकर विरोध किया गया।
शनिवार को आए फैसले ने भी यही बात स्पष्ट कर दी है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने का पर्याप्त आधार है। अदालत ने सोमवार यानी दिसंबर को सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट रूम में पेश होने का आदेश दिया है। बताया कि उसी दिन आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना, रवि प्रताप सिंह, विनय सिंह ने बताया अभी आदेश का अवलोकन नहीं किया है, उसे देखने के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।