तिकुनिया(लखीमपुर खीरी)। पिछले साल तीन अक्तूबर को हुई तिकुनिया हिंसा की बरसी को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने फिर से आंदोलन छेड़ दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस बार तीन अक्तूबर को तिकुनिया के कौड़ियाला गुरुद्वारा में बरसी मनाने का एलान किया है। इसके बाद से गुरुद्वारा में तैयारियां जोरों पर हैं। बरसी में हिस्सा लेने भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी 2 अक्तूबर को जनपद में पहुंचेंगे।
शनिवार से गुरुद्वारे में अखंड पाठ भी शुरू हो गया है। गुरुद्वारा के जत्थेदार बाबा काला सिंह ने बताया कि अखंडपाठ के साथ कीर्तन भी होगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को सुबह दस बजे भोग पड़ेगा। इसके बाद कीर्तन होगा। गुरुद्वारे में बने दीवान हाल में शांतिपूर्ण माहौल में किसानों की तरफ से बरसी का कार्यक्रम किया जाएगा। भकियू यूपी उत्तराखंड प्रभारी बलजिंदर सिंह ने बताया कि तीन अक्टूबर को कौड़ियाला घाट तिकुनिया में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तिकुनिया हिंसा में मारे गए किसानों की याद में बरसी मनाई जा रही है। इसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी मौजूद रहेंगे।
2 अक्टूबर की शाम सात बजे राकेश टिकैत लखीमपुर के हाथीपुर गुरुद्वारा पहुंचेंगे और रात्रि विश्राम कर अगले दिन निघासन जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, बरसी के कार्यक्रम के बाद किसान पीएम मोदी को संबोधित डीएम व एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपेंगे। जिसमें मंत्री टेनी की बर्खास्तगी की मांग और जेल में बंद किसानों की रिहाई की बात भी शामिल है। तीन अक्तूबर को ही राकेश टिकैत का निघासन के उस गांव जाने की तैयारी है, जहां पर दो सगी बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। किसान नेता मामले में पीड़ित के परिवार से मिलेंगे।
45 साल से लगातार चल रहे दंगल की इस साल तैयारी नहीं
तिकुनिया। मंत्री अजय मिश्र टेनी के पैतृक गांव बनवीरपुर में इस बार दंगल की कोई तैयारी नहीं है। पिछले साल तीन अक्तूबर को ही बनवीरपुर में दंगल का कार्यक्रम था। जिसमें डिप्टी सीएम केशव मौर्या को जाना था, लेकिन उनके रास्ते में पहुंचने के दौरान ही हिंसा हो गई थी। जानकारी के मुताबिक मंत्री टेनी के पिता ने 45 साल पहले दंगल की शुरुआत कराई थी। मंत्री टेनी ने यंग टाइगर्स क्लब का गठन किया था। इसके बाद इसी क्लब के जरिए दंगल का आयोजन होता था, लेकिन इस बार गांव में कोई तैयारी नहीं दिख रही है, जबकि मंत्री टेनी व परिवार से जुड़े लोगों ने इस पर कोई जानकारी नहीं दी।