लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की ओर से कोई गवाह पेश नहीं हुआ। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तारीख मुकर्रर की गई है। वहीं, तीन और आरोपी जमानत पर रिहा किए गए।
जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने बताया तीन अक्टूबर 2021 को तिकुनिया कस्बे में दंगल के दौरान तीन किसानों सहित आठ लोगों की जान गई थी। कई लोग घायल हुए थे। एसआईटी ने जांच के बाद 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। इनमें अब तक 10 लोगों को जमानत मिल चुकी है। शुक्रवार को अभियोजन साक्ष्य के लिए गवाही थी। वादी मुकदमा जगजीत सिंह के बयान हो चुके हैं। दूसरे गवाह के रूप में रुपईडीहा बहराइच निवासी गुरप्रीत सिंह को तलब किया गया था।
समन की तामील रिपोर्ट भी आ गई थी लेकिन शुक्रवार की सुबह फोन पर बीमारी की सूचना प्राप्त हुई है। इसके चलते बयान के लिए गवाह को अगली तारीख पर हाजिर रहने के लिए निर्देशित किया गया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तारीख मुकर्रर की है। वहीं पैरोल जमानत पाए अंकित दास आशीष मिश्रा लतीफ उर्फ काले शेखर भारती सत्य प्रकाश त्रिपाठी उर्फ सत्यम त्रिपाठी और ब्लॉक प्रमुख वीरेंद्र शुक्ला व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए। शेष अभियुक्तों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रिमांड कार्रवाई हुई।
वहीं, हाईकोर्ट से 20 मार्च तक पैरोल जमानत पाने वाले तीन आरोपी की रिहाई शुक्रवार को जिला जेल भेजी गई। एडीजे सुनील वर्मा ने जमानत पत्रों के सत्यापन के बाद सुमित जायसवाल मोदी, आशीष पांडे, रिंकू राणा की रिहाई के आदेश जिला जेल भेज दिए हैं। देर शाम इन्हें जेल से रिहा कर दिया गया।