ममरी। रविवार की रात अर्जुनपुर गांव के समीप पहुंचे बाघ ने गांव के उत्तर में खेतों में घूम रही नीलगाय पर हमला कर उसे मार डाला। सोमवार की सुबह गर्दन कटा शव रोड के किनारे पड़ा मिला, जिसे देख गांव वालों के होश उड़ गए। सूचना पर पहुंचे महुरेना बीट के वन कर्मियों ने शव को दफना दिया। वन कर्मियों का कहना है कि नीलगाय की गर्दन कटी होने से प्रतीत होता है कि उसकी मौत कटीले तारों में फंसकर हुई है। मौके पर बाघ के पगचिह्न नहीं मिले हैं। फिर भी उन्होंने गांव वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। महेशपुर रेंज के फारेस्टर जगदीश वर्मा ने बताया कि नीलगाय की मौत बाघ के हमले में हुई है। संवाद