लखीमपुर खीरी। वेबसाइट हैक हो जाने से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की ई-टिकटिंग व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। साइबर हमले के कारण परिचालकों को ईटीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन) नहीं मिल रही हैं। इससे वह मैनुअल टिकट लेकर रूट पर रवाना हो रहे हैं। ऐसे में इनको जारी करने से लेकर जमा करने में लंबा समय लग रहा है। इससे बस संचालन में व्यवधान होने से यात्री परेशान हो रहे हैँ।
परिवहन निगम में इलेक्ट्रॉनिक बस टिकटिंग प्रणाली मुंबई स्थित एक फर्म करती है, जो इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन, काउंटर बुकिंग एवं ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था मुहैया कराती है। विभागीय लोग बताते हैं कि संबंधित डाटा से लेकर नेटवर्क एवं इसकी सुरक्षा आदि की जिम्मेदारी भी संबंधित फर्म की है। 25 अप्रैल की आधी रात को सेवा प्रदाता फर्म की वेबसाइट हैक कर ली गई है।
इससे रोडवेज का टिकटिंग सिस्टम पूरी तरह से ठप हो गया है। इस वजह से परिचालकों को मैनुअल टिकट जारी कर बस संचालन कराया जा रहा है। मैनुअल टिकट के तहत अपनाई जाने वाली प्रक्रिया से बस संचालन प्रभावित हो रहा है।
परिचालकों की बढ़ी मुसीबत- ईटीएम न मिलने से परिचालक एवं रोडवेज के बाबुओं की मुश्किलें बढ़ गई, क्योंकि ईटीएम में रूट व किराया फीड रहने से परिचालकों को टिकट बनाने से लेकर शाम को कैश एवं मशीन जमा करने में सुविधा रहती थी। इसमें काफी समय लगता था, लेकिन अब मैनुअल टिकट मिलने से परिचालकों को किरायानुसार टिकट बनाने पड़ते हैँ।
इसके बाद किस स्टाप के कितने टिकट बिके, इसकी संख्या वे-बिल पर अंकित करनी पड़ती है। वहीं बस संचालन शुरू होने से पहले मैनुअल टिकट देने की प्रक्रिया में पांच से छह जगह पर लिखा पढ़ी होती है। जबकि ईटीएम होने से इन समस्याओं से जूझना नहीं पड़ता था।