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Lakhimpur Kheri News: टिकट कन्फर्म... लेकिन डिब्बे में नहीं थी आरक्षित नंबर की सीट

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मुकेश कुमार दीक्षित
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गोला गोकर्णनाथ। रेलवे की लापरवाही से नगर के एक वरिष्ठ अधिवक्ता को स्लीपर रिजर्वेशन का टिकट होने के बावजूद कानपुर से खातीपुरम (राजस्थान) तक खड़े-खड़े यात्रा करनी पड़ी। शिकायत पर रेलवे ने खेद जताया है।
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गोला निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता मुकेश कुमार दीक्षित ने बताया कि उन्हें अपने पुत्र प्रतीक दीक्षित को पीसीएस जे की परीक्षा दिलाने खातीपुरम-राजस्थान जाना था। इसके लिए उन्होंने 21 जून को कानपुर से खातीपुरम तक स्लीपर श्रेणी में रेलवे टिकट बुक कराया। उन्हें एस-वन में 73 और 79 नंबर की सीट आरक्षित की गई।
निर्धारित समय पर वह कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से दिन में 11:50 पर छूटने वाली मालदा-खातीपुरम एक्सप्रेस का इंतजार करने लगे। छह घंटे देरी से चल रही ट्रेन जब प्लेटफॉर्म पर पहुंची। दोनों कंपार्टमेंट एस वन 03409 में दाखिल हुए तो डिब्बे में एक से 72 नंबर तक ही सीटें थीं। रेलवे विभाग को ऑनलाइन शिकायत करने पर जानकारी दी गई कि कोच न होने पर दूसरा कोच लगा दिया गया है। उन्हें रेलवे विभाग की ओर से खेद व्यक्त करते हुए एक सांत्वना संदेश दिया गया।
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वकील और उनके पुत्र को स्लीपर कोच का टिकट होते हुए भी खातीपुरम तक जनरल डिब्बे में खड़े-होकर यात्रा करनी पड़ी। वकील ने रेलवे विभाग की इस लापरवाही के लिए रोष व्यक्त किया है। कार्रवाई की बात कही है।
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