डब्ल्यूटीआई ने प्रभावित क्षेत्र में लगए कैमरा।
बांकेगंज। तीन लोगों को घायल करने वाले बाघ की लोकेशन तीसरे दिन भी नहीं मिल पाई। वन विभाग ने दावा किया था कि बाघ जंगल में वापस चला गया, लेकिन खेतों में उसकी वापसी की आशंका बनी है। इस कारण उसकी लगातार निगरानी कराई जा रही है। डब्ल्यूटीआई के विशेषज्ञों ने बाघ की लोकेशन जानने के लिए छह कैमरे लगवाए हैं।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला रेंज में छह घंटे के अंदर हमला कर तीन लोगों को घायल करने वाला बाघ जंगल में वापस चला गया, लेकिन क्षेत्र में दहशत बरकरार है। बाघ के जंगल से निकलकर फिर आबादी की ओर रुख करने की आशंका बनी है। इसलिए बारी-बारी से टीमें निगरानी में लगी हैं। डब्ल्यूटीआई और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के विशेषज्ञों की टीम ने जिले में डेरा डाल लिया है। डब्ल्यूटीआई के विशेषज्ञ जीपी सिंह आदि ने मौके पर पहुंचकर घटनाओं का निरीक्षण भी किया। बाघ की तलाश और निगरानी में बाघमित्रों की भी मदद ली जा रही है।
बाघ जंगल में चला गया है, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी कराई जा रही है। इसलिए छह कैमरे लगाए जा चुके हैं। अभी तक बाघ की लोकेशन नहीं मिली है।
- संजीव तिवारी, रेंजर गोला, दक्षिण खीरी वन प्रभाग