लखीमपुर खीरी। बारिश शुरू होने के साथ यूरिया खाद की मांग बढ़ गई है, लेकिन सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है। किसानों को मजबूरन बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। खाद की मांग ज्यादा और उपलब्धता कम होने से खाद की कालाबाजारी शुरू हो गई है।
ब्लाक कुंभी और बांकेगंज क्षेत्र की कई साधन सहकारी समितियों पर यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है। किसानों का कहना है कि इस वक्त गन्ना और धान की फसल में यूरिया डालने की जरूरत है। अब ब्लॉक की गोला क्षेत्र की 100 टन भंडारण क्षमता वाली साधन सहकारी समिति ममरी अजान झाऊपुर छितौनिया और 100 टन भंडारण क्षमता वाली सहकारी समिति रोशन नगर महेशपुर में यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है।
मजबूरन उन्हें 267 रुपये वाली यूरिया खाद की बोरी प्राइवेट दुकानों से 270 से 280 रुपये बोरी की दर से खरीदनी पड़ रही है। उधर ममरी समिति के सचिव इंद्रेश कुमार, झाऊपुर समिति के सचिव मिथिलेश सिंह यादव, रोशन नगर के सचिव दिलीप सिंह यादव का कहना है कि समिति पर यूरिया का टोटा 10 दिन से चल रहा है। डिमांड चेक लगी हुई है फिर भी जिले से यूरिया अब तक उपलब्ध नहीं हो पाई है।
यही हाल पसगवां, अमीरनगर, निघासन, मोहम्मदी की समितियों का है। यहां भी किसान खाद के लिए परेशान हैं।
डाॅ. प्रमोद कुमार शुक्ला का कहना है कि यूरिया को सहकारी समितियों पर शीघ्र भेजा जाएगा। तब तक किसान खुले बाजार से यूरिया खरीद कर फसलों में प्रयोग करें।
जिला सहायक निबंधक, सहकारी समितियां
जिले में यूरिया, डीएपी और एनपीके का स्टाक प्रर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सहकारी समितियों को आवश्यकता और मांग के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जा रही है। प्रयास किया जा रहा है किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े।
अरविंद कुमार चौधरी, जिला कृषि अधिकारी