सुहेली नदी के किनारे बड़ी संख्या में दिख रहे मगरमच्छ के बच्चे
बांकेगंज। दुधवा नेशनल पार्क के बीच से होकर बहने वाली सुहेली नदी के किनारे इन दिनों मगरमच्छों के बच्चे खूब दिखाई दे रहे हैं। इससे डीटीआर प्रशासन खुश तो है ही साथ ही उनकी सुरक्षा में जुट गया है।
मगरमच्छ आमतौर से मई-जून में अंडे देते हैं और जुलाई में अंडों से बच्चे निकलना शुरू हो जाते हैं। इस समय अंडों से निकले बच्चे सुहेली नदी के किनारे चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। डीटीआर प्रशासन का कहना है कि इस बार पिछले वर्षों की अपेक्षा ज्यादा संख्या में बच्चे दिख रहे हैं। इससे इनके कुनबे में अच्छी बढ़ोतरी की संभावना है।
वनाधिकारी बताते हैं कि मगरमच्छों का सर्वाइकल रेट काफी कम होता है। मगरमच्छ एक बार में 30 से 60 तक अंडे देते हैं। इनमें बहुत कम अंडों से बच्चे निकल पाते हैं। क्योंकि इनमें से अधिकांश बच्चों को सियार और ब्लैक स्टार्क नामक स्थानीय चिड़िया अपना भोजन बना लेती है। कुछ बच्चे बाढ़ में भी बह जाते हैं। हाल में हुई गणना में दुधवा नेशनल पार्क की नदियों और तालाबों में मगरमच्छों की संख्या 596 पाई गई थी। इस बार डीटीआर प्रशासन इन बच्चों की सुरक्षा के प्रति काफी सतर्क है।
सुहेली नदी के किनारे इस बार अंडों से मगरमच्छों के बच्चे खूब निकले हैं। डीटीआर प्रशासन ने उनकी सुरक्षा के लिए निगरानी टीमें बनाई हैं। इस बार मगरमच्छों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
- संजय पाठक, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व