धौरहरा/ ईसानगर। तहसील क्षेत्र धौरहरा की ईसानगर ब्लॉक क्षेत्र में सरयू नदी में अचानक फिर से जलस्तर बढ़ जाने से ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं। मौजूदा समय में हो रहे कटान की जद में करीब एक दर्जन से ज्यादा मकान आ चुके हैं। लगातार बढ़ रहे जलस्तर और कटान से दर्जनों मार्ग अवरुद्ध हैं।
दो दिन में नदी के कटान से जनकपुरवा के तीन ग्रामीणों संतोष, रामू, अनूप के मकान नदी में समा गए हैं। राकेश मौर्य, जयप्रकाश मौर्य, लल्लू राम, शिव बालक, रामसागर, मायावती, सोहनलाल सहित करीब एक दर्जन मकान कटान की जद में पहुंच चुके हैं। जलस्तर बढ़ने से कई गांवों से पानी भरने लगा है। पानी भरने से बाढ़ प्रभावित लोगों की मुसीबतें भी बढ़ने लगी हैं। ग्रामीण रोजमर्रा की चीजों को लाने ले जाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। लिहाजा बाढ़ पीड़ित खुद अपना रास्ता खोज रहे हैं। ग्रामीण बाढ़ खंड के बचाव कार्यों से ग्रामीण संतुष्ट नहीं दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि विभाग समय रहते काम करा लेता, तो ऐसी नौबत ही नहीं आती।
ईसानगर बाढ़ खंड के एसडीओ बीडी गौतम ने बताया कि कटान रोधी कार्य तेजी से किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे एसडीम धीरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की बात कही। तहसीलदार आदित्य विशाल के साथ क्षेत्रीय लेखपाल भी मौके पर जाकर कटान का जायजा लिया। कटान पीड़ित परिवारों की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजकर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
किसानों की तबाह हुई फसलें
ब्लॉक ईसानगर क्षेत्र में बाढ़ का पानी भरने से किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं। कोई भी सहायता नहीं मिल सकी है। तहसीलदार आदित्य ने बताया कि बाढ़ के पानी से फसलों को नुकसान हुआ है। बाढ़ घटने के बाद सर्वे कराया जाएगा। उसी के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा।